तुलसी सुमर संसार सार दे आचार्य श्री तुलसी भजन

तुलसी सुमर संसार सार दे आचार्य श्री तुलसी भजन


तुलसी सुमर संसार सार दे,
तीनों वर्णों से ये,
तीन लोक तार दे।

नई कलाएँ लेकर उतरे,
वसुंधरा पर तुलसी,
धरती नभ तक खूब पसारी,
बाँटी घर-घर तुलसी,
तेरा पुरुषार्थ सिद्धि का भंडार दे,
तुलसी सुमर संसार सार दे।

तेरा दिव्य दीदार सामने,
उभर उभर कर आता,
तेजस्वी आँखों से छलका,
प्रेम सरस सरसाता,
तेरी मोहक छवि सुख संचार दे,
तुलसी सुमर संसार सार दे।

तूने मानव को मानव,
जीवन का मूल्य बताया,
कल्पवृक्ष सा कामधेनु,
चिंतामणि तुल्य बताया,
सारी आशाओं को नया आकार दे,
तुलसी सुमर संसार सार दे।

भारत में अवतार तुम्हारा,
नियति का वरदान,
भिक्षु शासन में नौवाँ पद,
अद्भुत थे अवदान,
आशीर्वादों की दुनिया को बौछार दे,
तुलसी सुमर संसार सार दे।

तुलसी सुमर संसार सार दे,
तीनों वर्णों से ये,
तीन लोक तार दे।



"तुलसी सुमर संसार सार दे" #Gurutulsi #bhajan #Terapanthbhajan #kailashnaulakha

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.

*आचार्य श्री तुलसी के १०७वें जन्मदिवस(अणुव्रत दिवस) के उपलक्ष्य में समणी सन्मति प्रज्ञा जी द्वारा रचित एवं श्री कैलाश नौलखा, काठमांडू(नेपाल) द्वारा स्वरित गीत #guruTulsi #acharyaTulsi
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर राजस्थानी भजन हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। 

Visit Home Page

Next Post Previous Post