जावादे जावादे जोगी किसका मीत लिरिक्स

जावादे जावादे जोगी किसका मीत लिरिक्स

जावादे जावादे जोगी किसका मीत
जावादे जावादे जोगी किसका मीत।।टेक।।
सदा उदासी रहै मोरि सजनी, निपट अटपटी रीत।
बोलत वचन मधुर से मानूँ, जोरत नाहीं प्रीत। मैं जाणूं या पार निभैगी, छांड़ि चले अधबीच।
मीरां के प्रभु स्याम मनोहर प्रेम पियारा मीत।।
(जावा दे=जाने दे, उदासी=उदासीन, निपट=बिल्कलु)
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