मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा भजन
मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा भजन
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा,
उसका हो गर सहारा,
उसका हो गर सहारा,
मझधार में किनारा।
मर्जी से जिसके चलते,
ये चांद सूर्य तारे,
हिलता नहीं है पत्ता,
हिलता नहीं है पत्ता,
पाए बिना इशारे,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
मर्जी में उसके गर तू,
अपनी मिला दे मर्जी,
तुझको बनाएंगे ये,
तुझको बनाएंगे ये,
आंखों का अपनी तारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
मुख फेर क्यों खड़े हो,
आ सामने तो देखो,
है खड़े पसार बाहें,
है खड़े पसार बाहें,
इंतजार है तुम्हारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
बस सामने आना है,
नहीं कहने की जरूरत,
जो हाल दिल है तेरा,
जो हाल दिल है तेरा,
वो जानते हैं सारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
पर्दानशी वे खुद हैं,
पर चाहते ना पर्दा,
पर्दा अगर हटा दो,
पर्दा अगर हटा दो,
फिर देख लो नजारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
तकदीर का रोना भी,
प्रताप क्या है रोना,
तकदीर बना करती,
तकदीर बना करती,
बस पा के एक इशारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा,
उसका हो गर सहारा,
उसका हो गर सहारा,
मझधार में किनारा।
जिसका है खेल सारा,
उसका हो गर सहारा,
उसका हो गर सहारा,
मझधार में किनारा।
मर्जी से जिसके चलते,
ये चांद सूर्य तारे,
हिलता नहीं है पत्ता,
हिलता नहीं है पत्ता,
पाए बिना इशारे,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
मर्जी में उसके गर तू,
अपनी मिला दे मर्जी,
तुझको बनाएंगे ये,
तुझको बनाएंगे ये,
आंखों का अपनी तारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
मुख फेर क्यों खड़े हो,
आ सामने तो देखो,
है खड़े पसार बाहें,
है खड़े पसार बाहें,
इंतजार है तुम्हारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
बस सामने आना है,
नहीं कहने की जरूरत,
जो हाल दिल है तेरा,
जो हाल दिल है तेरा,
वो जानते हैं सारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
पर्दानशी वे खुद हैं,
पर चाहते ना पर्दा,
पर्दा अगर हटा दो,
पर्दा अगर हटा दो,
फिर देख लो नजारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
तकदीर का रोना भी,
प्रताप क्या है रोना,
तकदीर बना करती,
तकदीर बना करती,
बस पा के एक इशारा,
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा।
मालिक है जो जहान का,
जिसका है खेल सारा,
उसका हो गर सहारा,
उसका हो गर सहारा,
मझधार में किनारा।
| भजन | मालिक है जो जहाँ का | TOP BHAJAN | PUJYA RAJAN JEE | +91-9090100002, +91-9090100003 #bhajan
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
श्री रामकथा के पावन अवसर पर पूज्य राजन जी द्वारा गाया हुआ ये भजन- मालिक है जो जहाँ का, जिसका है खेल सारा, शरणागति भाव पर गाया हुआ एक अद्वितीय भजन है। इस भजन को पूज्य राजन जी ने मंडी गोविन्दगढ़, पंजाब की श्री रामकथा में गाया है जो अक्टूबर 2021 में हुई थी। इस भजन की रचना श्री प्रताप चंद्र सिन्हा जी ने की है।
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
