आए हैं शरण तेरी गुरुदेव कृपा कर दो
आए हैं शरण तेरी, गुरुदेव कृपा कर दो।
इस दीन-दुखी मन में, आनंद सुधा भर दो।।
दुनिया से हार करके, अब द्वार तेरे आया।
श्रद्धा के सुमन चुनके, सद्भाव से हूँ लाया।।
करुणा का हाथ सिर पर, हे नाथ मेरे धर दो।।
अनजानी मंजिल है, चहुं दिशा में अंधियारा।
करुणा निधान, अब तो बस है तेरा सहारा।।
टूटी मन वीणा में, मेरे भक्ति का स्वर भर दो।।
Aaye Hain Sharan Teri, Gurudev Kripa Kardo| Hindi Guru Bhajan