लुटा दिया भंडार शेरावाली ने माता भजन
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने माता भजन
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने,
शेरावाली ने, मेहरवाली ने,
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने।।
(अंतरा)
जैसी जो भावना लाया,
वैसा ही फल वो पाया,
नहीं खाली उसे लौटाया,
वो मन ही मन हर्षाया,
कर दिया उसे निहाल शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने।।
जो लगन लगाया सच्ची,
फिर उसकी नाव ना अटकी,
बेड़े को पार लगाया,
ना देर करे वो पल की,
मिटा दिया जंजाल शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने।।
चरणों की किया जो सेवा,
वो पाया मिश्री, मेवा,
जिसने माँगा बेटा,
वो चाँद सा टुकड़ा पाया,
कर दिया फिर खुशहाल शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने।।
जिसने श्रृंगार सजाया,
वो माँ का दर्शन पाया,
वो मन ही मन हर्षाया,
नैनों में रूप बसाया,
दिया है जन्म सुधार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने।।
(पुनरावृति)
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने,
शेरावाली ने, मेहरवाली ने,
लुटा दिया भंडार शेरावाली ने,
कर दिया मालामाल मेहरवाली ने।।
लुटा दिया भंडार शेराँवाली ने|Luta Diya Bhandar Sheronwali Ne |Sukhjeet Singh Toni |Mata Rani Bhajan
यह भजन माँ शेरावाली की कृपा और भक्तों पर उनकी अनंत दया को दर्शाता है। माँ अपने भक्तों की सच्ची भावनाओं के अनुसार फल देती हैं, किसी को भी खाली नहीं लौटातीं और हर दुख को हर लेती हैं। उनकी सेवा करने वालों को अन्न, धन, संतान और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। माँ के दरबार में जो भी श्रद्धा से आता है, उसका जीवन संवर जाता है।
सुन्दर भजन में श्रद्धा और समर्पण की दिव्य ऊर्जा प्रवाहित होती है। जिस भाव से कोई माँ की आराधना करता है, वही फल उसे प्राप्त होता है। भक्ति में सच्ची लगन हो तो देवी कृपा अवश्य बरसती है। माँ का आशीर्वाद कभी रिक्त नहीं लौटता, बल्कि अंतःकरण को आनंद और संतोष से भर देता है।
जिसने निष्ठा से माँ के चरणों की सेवा की, उसे मधुर फल प्राप्त हुए। भक्त के आह्वान पर माँ ने उसकी इच्छा पूरी की, जीवन को धन्य किया। जिसने मन में भक्तिभाव रखा, उसके सारे कष्ट दूर हुए, बाधाएँ मिट गईं, और उसकी नैया सहज ही पार लग गई।
माँ की आराधना में जिसने प्रेमपूर्वक भाव अर्पित किए, उसे उनके दिव्य स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य मिला। उसकी आत्मा संतोष से भर गई, और नयन माता के रूप की छवि से आलोकित हुए। माँ ने उसके जीवन को उन्नति से सुसज्जित किया, और उसे अपार आनंद प्रदान किया।
निष्ठा, प्रेम, और समर्पण से जो माँ को पूजता है, माँ उसकी झोली कृपा से भर देती है। जो मन से उनका श्रृंगार करता है, उसकी आत्मा धन्य होती है। माता का आशीर्वाद सबको समृद्धि, सुख और संतोष की ओर ले जाता है। देवी की कृपा से ही जीवन सार्थक होता है, और भक्त हर क्षण उनके चरणों में अर्पित होकर आनंदित होता है।
Song : Luta Diya Bhandaar Sheronwali Ne
Singer : Sukhjeet Singh Toni
Lyrics : Traditional
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