सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल

सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,
सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,
सच्चा नाम है जय जय शिव बोल,

ब्रह्मा बोले जय शिव शंकर,
विष्णु भी बोले जय शिव शंकर,
सरस्वती बोले जय शिव शंकर लक्ष्मी भी बोले जय शिव शंकर,
सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,
सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

गोरा बोले जय शिव शंकर गणपत बोले जय शिव शंकर,
कार्तिक बोले जय शिव शंकर,
देव सभी बोले जय शिव शंकर,
सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,
सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

नंदी बोले जय शिव शंकर,
ऋंगी भी बोले जय शिव शंकर
शिवकर बोले जय शिवशंकर,
सब जन बोले जय शिव शंकर
सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,
सुबह शाम तू जय जय शिव बोल,

चन्दन गावे जय शिव शंकर,
तिलक लगावे जय शिव शंकर,
महिमा सुनावे जय शिव शंकर,
हर पल ध्यावे जय शिव शंकर,
सच्चे मन से तू जय जय शिव बोल,
सुबह शाम तू जय जय शिव बोल। 

 
सुंदर भजन में शिव की भक्ति और उनकी महिमा का दिव्य गुणगान किया गया है। यह भजन शिव के सर्वस्व होने का संकेत देता है—वे ब्रह्मा, विष्णु, सरस्वती, लक्ष्मी और समस्त देवी-देवताओं द्वारा वंदनीय हैं। शिव का नाम जपने से जीवन में शुद्धता और सकारात्मकता का संचार होता है। उनका ध्यान आत्मा को शांति और आनंद प्रदान करता है। यह भजन भक्त को प्रेरित करता है कि वह सच्चे मन से शिव का स्मरण करे, सुबह और शाम उनके नाम का जाप करे, जिससे जीवन की समस्त बाधाएँ दूर हों और शिव की कृपा प्राप्त हो।

शिव की भक्ति में सभी लोक सम्मिलित हैं—गोरा माता, गणेशजी, कार्तिकेय, नंदी, और समस्त भक्तगण। उनकी महिमा अनंत है, उनके नाम का उच्चारण प्रत्येक हृदय को भक्तिभाव से भर देता है।
 
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