सेवा पूजा कर नहीं पाया हुं किस्मत
सेवा पूजा कर नहीं पाया हुं किस्मत का मैं मारा भजन
मात-पिता मुझे ऐसे देना, जो तेरी ज्योत जलाते हो,
भाई-बहन मुझे ऐसे देना, जो तेरे दर पे आते हो..
पुत्र मुझे तू ऐसा देना, जो तेरी आंखों का तारा,
तेरे भक्तों के घर मे दादा मुझे देना जनम दोबारा..
दिल देना तो ऐसा देना, जो बस तुमसे प्यार करे,
हर सगे-संबंधी से भी ज्यादा, तुझपे वो ऐतबार करे..
इस दिल से जब भी निकलेगा, तेरा ही हो जयकारा,
तेरे भक्तों के घर मे दादा मुझे देना जनम दोबारा..
गली-मोहल्ला ऐसा देना, जहां पे तेरी भक्ति हो,
मेरे पड़ोसी ऐसे देना, जो तेरी चर्चा करते हो..
भक्ति मंडल मुझे ऐसा देना, जो मेरे संग में गाता हो,
तेरे भक्तों के घर मे दादा मुझे देना जनम दोबारा..
सेवा पूजा कर नहीं पाया, हुं किस्मत का मैं मारा,
तेरे भक्तों के घर मे दादा मुझे देना जनम दोबारा..
भजन में यह गूंज स्पष्ट होती है कि संसार की माया से बढ़कर केवल ईश्वर का प्रेम और उनका स्मरण ही वास्तविक सुख है। जब कोई सच्चे मन से ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उसे ऐसे माता-पिता, भाई-बहन, पुत्र और समाज मिले, जो निरंतर उनकी आराधना में लीन रहें, तब यह उसकी श्रद्धा की चरम अवस्था होती है। यह भजन आत्मा की शुद्धता और भक्तिपूर्ण जीवन जीने की गहरी लालसा को प्रकट करता है।
यह संदेश देता है कि केवल धन, सांसारिक संबंध और सामाजिक प्रतिष्ठा ही जीवन की सार्थकता नहीं हैं—बल्कि वह जीवन सार्थक होता है, जिसमें ईश्वर का स्मरण और उनकी सेवा ही सर्वोच्च लक्ष्य हो। यही भजन की प्रेरणा है कि जब व्यक्ति ईश्वर से सच्चे मन से भक्ति का वरदान माँगता है, तो उसे उनके चरणों में स्थान मिलता है और उसका जीवन धन्य हो जाता है। जय श्री हरि! उनकी कृपा सदा बनी रहे।
Related Posts:
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |