हारे का सहारा श्याम धणी भजन
हारे का सहारा श्याम धणी भजन
क्यों दर दर ठोकर खाता है,क्यों श्याम शरण नहीं जाता है,
क्यों जीवन व्यर्थ गवाता है,
क्या तुम को नहीं पता,
हारे का सहारा श्याम धणी,
भक्तों का प्यारा श्याम धणी।
जो तू श्याम शरण में जाएगा,
मेरा वादा है खाली नहीं आएगा,
जब देता है देता है छप्पर फाड़ सांवरे,
खाटू नगरी में बैठा झंडा गाड़ सांवरे ,
हारे का सहारा श्याम धणी,
भक्तों का प्यारा श्याम धणी।
जब श्याम लगन लग जाएगी,
सोइ किस्मत तेरी जग जाएगी,
तू बाबा की मस्ती में होजा चूर बाँवरे,
श्याम बाबा नहीं होगा तुमसे दूर बाँवरे,
हारे का सहारा श्याम धणी,
भक्तों का प्यारा श्याम धणी।
बाबा देव बड़ा बलबनी है,
बाबा श्याम शीश का दानी है,
पप्पू शर्मा का चरणों में गुजारा हो गया,
श्याम बाबा खाटू का हमारा हो गया,
हारे का सहारा श्याम धणी,
भक्तों का प्यारा श्याम धणी।
Haare Ka Sahara Shyam Dhani | Pappu Sharma Best Khatu Shyam Bhajan | Shyam Devotional Song 2018
श्याम धणी खाटू श्याम जी का एक लोकप्रिय नाम है, जिसमें 'श्याम' का अर्थ है भगवान श्रीकृष्ण (खाटू श्याम जी) और 'धणी' का अर्थ है स्वामी या मालिक। भक्तजन खाटू श्याम जी को श्रद्धा से 'श्याम धणी' कहते हैं क्योंकि वे अपने भक्तों के सच्चे स्वामी, दाता और पालनहार माने जाते हैं। श्याम धणी का नाम भजनों, कीर्तनों और मंदिरों में बड़े प्रेम और श्रद्धा से लिया जाता है। माना जाता है कि श्याम धणी अपने भक्तों की हर परेशानी दूर करते हैं और उन्हें सही मार्ग दिखाते हैं। राजस्थान के खाटू गाँव में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर 'श्याम धणी' के नाम से देशभर में प्रसिद्ध है, जहाँ लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ दर्शन करने आते हैं।
जो भी श्रीकृष्णजी की शरण में जाता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। उनकी कृपा ऐसी है कि वह छप्पर फाड़कर देता है, जैसे कोई सच्चा दोस्त अपने यार को कभी कमी न पड़े, ऐसा ख्याल रखता है। खाटू नगरी में उनका झंडा गड़ा है, जहाँ भक्तों का मन उनके प्रेम में डूब जाता है। यह एक ऐसी मस्ती है, जो मन को हर दुख से आजाद कर देती है, जैसे कोई विद्यार्थी अपने गुरु की एक बात से सारी मुश्किलें भूल जाता है।
जब श्रीकृष्णजी की लगन मन में लगती है, तो सोई किस्मत भी जाग उठती है। वह भक्त को अपनी भक्ति की मस्ती में चूर कर देता है, और कभी उससे दूर नहीं होता। यह एक ऐसा रिश्ता है, जो कभी टूटता नहीं। जैसे कोई धर्मगुरु अपने अनुयायी को सच्चाई की राह दिखाता है, वैसे ही श्रीकृष्णजी अपने भक्त को हर कदम पर संभालते हैं।
'श्याम धणी' शब्द खाटू श्याम जी के प्रति भक्तों के गहरे प्रेम, विश्वास और आत्मीय संबंध को दर्शाता है। खाटू श्याम जी, जिनका वास्तविक नाम बर्बरीक था, महाभारत के महान योद्धा और भीम के पौत्र थे। जब महाभारत का युद्ध होने वाला था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे उनका शीश (सिर) मांगा, जिसे बर्बरीक ने बिना किसी संकोच के दान कर दिया। उनकी इस अद्वितीय भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे 'श्याम' नाम से पूजे जाएंगे और जो भी हार या निराशा में होगा, उसे उनका सहारा मिलेगा, इसलिए उन्हें 'हारे का सहारा' भी कहा जाता है। राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित मंदिर में उनके शीश की पूजा होती है, और लाखों श्रद्धालु उन्हें अपने जीवन के स्वामी, मार्गदर्शक और संकटमोचक मानकर 'श्याम धणी' कहकर पुकारते हैं। 'धणी' यानी स्वामी, मालिक—यह संबोधन केवल एक आराध्य और भक्त का रिश्ता नहीं, बल्कि एक ऐसा भाव है जिसमें भक्त अपने सुख-दुख, आशा-निराशा, सब कुछ श्याम जी को समर्पित कर देता है। श्याम धणी अपने भक्तों के लिए सिर्फ एक देवता नहीं, बल्कि सच्चे मित्र, परिवार के सदस्य और जीवन के मार्गदर्शक हैं, जिनकी शरण में आकर हर भक्त खुद को सुरक्षित और पूर्ण महसूस करता है।
SONG : HARE KA SAHARA SHYAM DHANI
SINGER : PAPPU SHARMA
LYRICS : PAPPU SHARMA
COMPOSER : PAPPU SHARMA
PUBLISHER : PAPPU SHARMA KHATU WALE