खोल खजाने बाँट रहा है सबको लिरिक्स
खोल खजाने बाँट रहा है
सबको बारी बारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी
ये दौलत देता है
ये शोहरत देता है
देता है महल अटारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
सेठों का ये सेठ कुहावे,
कदे नहीं खाली लोटावे
जग जाने दातारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
गाँव गली शहरों में चर्चा
हाथों हाथ ये देता है परचा
कहती दुनिया सारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
प्रेम के जो आंसू टपकावे
उसपे सुख सारे बरसावे
कलयुग का अवतारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
यही राम सुन के है आया,
रंक को तूने राजा बनाया
छवि बेधड़क प्यारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
खोल खजाने बाँट रहा है
सबको बारी बारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी
ये दौलत देता है
ये शोहरत देता है
देता है महल अटारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
सबको बारी बारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी
ये दौलत देता है
ये शोहरत देता है
देता है महल अटारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
सेठों का ये सेठ कुहावे,
कदे नहीं खाली लोटावे
जग जाने दातारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
गाँव गली शहरों में चर्चा
हाथों हाथ ये देता है परचा
कहती दुनिया सारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
प्रेम के जो आंसू टपकावे
उसपे सुख सारे बरसावे
कलयुग का अवतारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
यही राम सुन के है आया,
रंक को तूने राजा बनाया
छवि बेधड़क प्यारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
खोल खजाने बाँट रहा है
सबको बारी बारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी
ये दौलत देता है
ये शोहरत देता है
देता है महल अटारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
खोल खजाने बाँट रहा है
सबको बारी बारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी
ये दौलत देता है
ये शोहरत देता है
देता है महल अटारी
बैठा खाटू में श्याम बिहारी।
एकादशी स्पेशल - खोल खज़ाना बांट रहा है सेठ सांवरा | बैठा खाटू में श्याम बिहारी | Ram Kumar Lakkha
यह भजन खाटू श्याम जी की भक्ति के बारे में है। भक्त श्याम जी की कृपा और आशीर्वाद के बारे में गाते हैं। वे कहते हैं कि श्याम जी हमेशा अपने भक्तों के लिए खजाने खोलते हैं।
