मेरा भोला है भंडारी हंसराज रघुवंशी भजन

भगवान शिव को भोलानाथ, भोलेनाथ, भोले भंडारी आदि नामों से जाना जाता है। इन नामों का अर्थ है "भोला", "बेचारा", या "दयालु"। भगवान शिव को भोला इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे सरल, सीधे और भोले-भाले हैं। वे अहंकार या चालाकी से रहित हैं। वे अपने भक्तों के प्रति बहुत दयालु और करुणामयी हैं। 

मेरा भोला है भंडारी हंसराज रघुवंशी भजन

 
मेरा भोला है भंडारी लिरिक्स Mera Bhola Hai Bhandari Lyrics हंसराज रघुवंशी

मेरा भोला है भंडारी,
करे नंदी कि सवारी,
भोले नाथ रे,
ओ शंकर नाथ रे।

सबना दा रखवाला ओ शिवजी,
डमरूवा वाला जी डमरूवा वाला,
ऊपर कैलाश रेहंदा भोले नाथ जी,
धर्मियो जो तारदे शिवजी,
पापिया जो मारदा जी,
पापिया जो मारदा,
बड़ा ही दयाल मेरा भोले अमली,
ॐ नमः शिवाय शम्भो,
ॐ नमः शिवाय।

महादेवा तेरा डमरू डम डम,
डम डम बजतो जाए रे,
हो महादेवा महादेवा,
ॐ नमः शिवाय शंभू,
ॐ नमः शिवाय।

सर से तेरे बहती गंगा,
काम मेरा हो जाता चंगा,
नाम तेरा जब लेता, महादेवा,
मां पिया दे घरे ओ गोरा,
महला च रेहंदी,
जी महला च रेहंदी,
विच समसाना रहंदा भोलेनाथ जी,
कालेया कुंडला वाला,
मेरा भोले बाबा।

किधर कैलाशा तेरा डेरा ओ जी,
सर पे तेरे ओ गंगा मैया विराजे,
मुकुट पे चंदा मामा ओ जी,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय शंभू,
ओम नमः शिवाय।

भंग जे पिन्दा ओ शिवजी,
धुनी रमांदा जी धुनी रमांदा,
बड़ा ही तपारी मेरा भोले अमली,
मेरा भोला है भंडारी,
करता नंदी कि सवारी भोले नाथ रे,
ओ शंकर नाथ रे।

मेरा भोला है भण्डारी,
करे नंदी कि सवारी,
शम्भुनाथ रें शंकर नाथ रे,
गौरा भांग रगड़ के बोली,
तेरे साथ है भूतों की टोली,
मेरे नाथ रे शम्भु नाथ रे,
ओ भोले बाबा जी,
दर तेरे मैं आया जी,
झोली खाली लाया जी,
खाली झोली भरदो जी।

कालेया सर्पा वाला,
मेरा भोले बाबा,
शिखरे कैलाशां,
विच रहंदा ओ जी।

मेरा भोला है भण्डारी,
करे नंदी कि सवारी,
भोले नाथ रे,
ओ शंकर नाथ रे।
 

Mera Bhola Hai Bhandari | Hansraj Raghuwanshi | Suresh Verma | Offical Video | Paramjeet Pammi |iSur

क्यों कहते हैं शिव जी को भोले भंडारी ?
शिव जी को "भोले भंडारी" के नाम से भी पुकारते हैं , लेकिन क्यों ? कारन नाम से ही स्पष्ट है। शिव जी को भोले भंडारी के नाम से इसलिए जाना जाता है क्यों की वो अपने भक्तों पर बहुत दयालु हैं और जो उन्हें याद करते हैं, भले ही पूजा अर्चना ना ही करते हों, उन पर सदैव बाबा का हाथ होता है और वो उन्हें भी आशीर्वाद देते हैं। शिव जी की पूजा के लिए भी किसी विशेष सामग्री की आवश्यकता नहीं होती हैं। बाबा को मात्रा बेल पत्र और पानी से भी प्रशन्न किया जा सकता है। बाबा के भोले स्वाभाव के कारन ही शिव जी को भोले भंडारी कहा जाता है।
 
हमने इस भक्ति गीत को पुलवामा में हुए शहीद जवानों और उनके परिवार को समर्पित किया है। महादेव जवानों की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार वालों को शक्ति प्रदान करें। 

डमरू वाला भोले नाथ के ऊपर एक भक्ति गीत है। यह गीत एक लोक गीत पर आधारित है जिसे पहले हिमाचली सुपर स्टार करनैल राणा जी ने गाया है। इसलिए इस गीत को फ्यूज़न किया है हिंदी और पहाड़ी में | लोकगीत का मज़ा भी आये इसलिए दो कलाकारों ने कोलेब्रेशन किया है। एक है हंसराज रघुवंशी जो की बॉलीवुड में प्लेबैक देने वाले हैं इन्होने हिंदी वाला गया है और दूसरे हैं हिमाचल के लोक गायक सुरेश वर्मा जिन्होंने पहाड़ी में गया है। इस गीत का पहाड़ी पार्ट सुभाष रंजन और हिंदी पार्ट ख़ुद बाबा जी ने लिखा है। वीडियो का डायरेक्शन किया है आई सुर स्टूडियो के डायरेक्टर सुरेश सुर ने । 
 
Singer | Lyrics | Composer Hansraj Raghuwanshi 
भोले नाथ जी का सरल स्वभाव सबका मन मोह लेता है। नंदी की सवारी करते, डमरू की थाप बजाते, कैलाश पर गंगा लहराते हुए वो पाप नष्ट कर धर्म की रक्षा करते हैं। भांग रगड़कर भूतों की टोली संग नाचते हैं, फिर भी दयालु हैं—खाली झोली भर देते हैं। कालेय सर्प लिपटे, चंद्र मुकुट सजाए, धुनी रमाते हुए भी हर साधक को गोद में लेते हैं। इश्वर का आशीर्वाद ही जीवन को चंगा कर देता है।

महादेव जी का नाम लेते ही हर संकट टल जाता है। भोला बाबा दर पर पुकारो, तो झोली भरकर विदा करते हैं। गौरा संग विराजे, विछ समाधान करते—ये लीला दिल को सुकून देती है। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री शंकर जी की। भोला बाबा की सवारी नंदी पर देखकर मन पुलकित हो जाता है। डमरू की आवाज सुनते ही सारा शरीर नाच उठता है। कैलाश पर रहने वाले महादेव सबका रखवाला हैं। धर्मी को तार देते हैं, पापी को मारते हैं, लेकिन दया उनके स्वभाव में बसी है। गंगा उनके सर से बहती है, चंदा मामा मुकुट पर विराजते हैं, काले सर्प गले में लिपटे रहते हैं। भांग पीकर धुनी रमाते हैं, फिर भी सबसे बड़ा तपस्वी और दयालु हैं।
जब नाम लेते हैं तो काम चंगा हो जाता है, मां-पिया का घर सुखी रहता है। भूतों की टोली के साथ गौरा जी भी उनके साथ हैं। दर पर खाली झोली लेकर आया हूं तो भर दो बाबा। झोली खाली न लौटाओ।
भोलेनाथ की कृपा से जीवन का हर बोझ हल्का हो जाता है। मुश्किल घड़ी में वो खुद पहुंच जाते हैं और दिल को ठंडक दे देते हैं। उनके नाम में ही सब कुछ समाया है।
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