रुणक झुणक पायल बाजै सा नैणा रा लोभी
यह एक राजस्थानी लोकगीत है जो युवती की भावनाओं को व्यक्त करता है और नायक महिला के सौंदर्य से मोहित है। पुरुष उसकी आंखों की सुंदरता से इतना प्रभावित है कि वह उसके नयनों के लोभी हो गया है।
नायिका कहती है की उसकी पायल उसके चलने पर रुनक झुनक बजती है तो ऐसे में वह कैसे नायक के पास आये ? गीत एक प्यारी और आकर्षक रचना है जो प्रेम की शक्ति को दर्शाती है। यह एक ऐसा गीत है जो किसी भी व्यक्ति को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर सकता है।

मरवड़ महलां उतरी,
तो ले सखियाँ ने साथ,
घुमर रमबा निकली,
तो पग पायल झंकार।
एजी हाँ सा, म्हारी,
रुणक झुणक पायल बाजै सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी, सासू सूती ने,
नंणद जागे सा,
एजी हाँ सा, म्हारी, सासू सूती ने,
नंदणन जागे सा,
एजी हाँ सा, म्हारी, म्हारी सासू सूती ने,
नंदणन जागे सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
जेठाणी सूती देवरानी जागे सा,
एजी हाँ सा, म्हारी,
जेठाणी सूती देवरानी जागे सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
मैं तो आऊं के पाछी फिर फिर जाऊँ सा,
एजी हाँ सा, म्हारी,
मैं तो आऊं के पाछी फिर फिर जाऊँ सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
म्हारो नानों देवरियो ऊबो झांके सा,
पड़ोसन झाला देवे में कैया आऊं सा
किकर आऊं सा
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
रुणक झुणक पायल बाजै सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
नायिका कहती है की उसकी पायल उसके चलने पर रुनक झुनक बजती है तो ऐसे में वह कैसे नायक के पास आये ? गीत एक प्यारी और आकर्षक रचना है जो प्रेम की शक्ति को दर्शाती है। यह एक ऐसा गीत है जो किसी भी व्यक्ति को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
रुणक झुणक पायल बाजै सा नैणा रा लोभी किकर

मरवड़ महलां उतरी,
तो ले सखियाँ ने साथ,
घुमर रमबा निकली,
तो पग पायल झंकार।
एजी हाँ सा, म्हारी,
रुणक झुणक पायल बाजै सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी, सासू सूती ने,
नंणद जागे सा,
एजी हाँ सा, म्हारी, सासू सूती ने,
नंदणन जागे सा,
एजी हाँ सा, म्हारी, म्हारी सासू सूती ने,
नंदणन जागे सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
जेठाणी सूती देवरानी जागे सा,
एजी हाँ सा, म्हारी,
जेठाणी सूती देवरानी जागे सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
मैं तो आऊं के पाछी फिर फिर जाऊँ सा,
एजी हाँ सा, म्हारी,
मैं तो आऊं के पाछी फिर फिर जाऊँ सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
म्हारो नानों देवरियो ऊबो झांके सा,
पड़ोसन झाला देवे में कैया आऊं सा
किकर आऊं सा
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
रुणक झुणक पायल बाजै सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
एजी हाँ सा, म्हारी,
रुणक झुणक पायल बाजै सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा,
नैणा रा लोभी किकर आऊं सा।
Naina Ra Lobhi (Original Song) New Hit Rajasthani #Ghoomar Song | इतिहास का सबसे जबरदस्त घूमर गीत I
राजस्थानी गीतों में प्यार/प्रेम का वर्णन बहुत ही खूबसूरत और आकर्षक तरीके से किया जाता है। इन गीतों में प्रेम को एक ऐसी भावना के रूप में चित्रित किया जाता है जो व्यक्ति को पूरी तरह से बदल देती है। प्रेम के कारण व्यक्ति खुशी, दुख, उत्साह और उदासी जैसे सभी प्रकार की भावनाओं का अनुभव करता है।
आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं
आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं