मुकुट सिर मोर का मेरे चित चोर का भजन

मुकुट सिर मोर का मेरे चित चोर का भजन

 
मुकुट सिर मोर का मेरे चित चोर का Mukut Sir Mor Ka Mere Chitt Chor Ka Lyrics

मुकुट सिर मोर का मेरे चित चोर का
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से

कमल लज्जाये तेरे नैनो को देख के
भूली घटाएँ तेरी कजरे की रेख पे
यह मुखड़ा निहार के, सो चाँद गए हार के
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का

कुर्बान जाऊं तेरी बांकी अदाओं पे
पास मेरे आजा तोहे भर मैं भर लूँ मैं बाहों में
जमाने को विसार के, दिलो जान तोपे वार के
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का

रमण बिहारी नहीं तुलना तुम्हारी
तुझ सा ना पहले कोई ना देखा अगाडी
दीवानों ने विचार के, कहा यह पुकार के
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का

मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से

Mukut Sir Mor Ka # Krishan Bhajan #Prem Mehra || Pathar Ki Radha Pyari #Ambeybhakti

Album : Pathar Ki Radha Pyari
Song : Mukut Sir Mor Ka
Singer : Prem Mehra
Music : Yogesh Kumar 
Lyrics : Prem Mehra
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Copyright: Shubham Audio Video

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