मुकुट सिर मोर का मेरे चित चोर का
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
कमल लज्जाये तेरे नैनो को देख के
भूली घटाएँ तेरी कजरे की रेख पे
यह मुखड़ा निहार के, सो चाँद गए हार के
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का
कुर्बान जाऊं तेरी बांकी अदाओं पे
पास मेरे आजा तोहे भर मैं भर लूँ मैं बाहों में
जमाने को विसार के, दिलो जान तोपे वार के
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का
रमण बिहारी नहीं तुलना तुम्हारी
Krishna Bhajan Lyrics Hindi
तुझ सा ना पहले कोई ना देखा अगाडी
दीवानों ने विचार के, कहा यह पुकार के
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।। Devi Chitralekha Ji ।। Aastha Channel