सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे गणेश भजन
सारे, मोदक, और लड्डू,
बिखेर गयो रे, बिखेर गयो रे,
गौरा, तेरा लाला, किधर गयो रे॥ (×2)
(1)
पीला, पितांबर लाई, दूर्वा, की माला लाई,
मूषक, सवारी, निकल गयो रे, निकल गयो रे,
गौरा, तेरा लाला, किधर गयो रे॥ (×2)
सारे, मोदक, और लड्डू...
(2)
माथे, का मुकुट लाई, लाल, सिन्दूर लाई,
गणों, के बीच में, छुप गयो रे, छुप गयो रे,
गौरा, तेरा लाला, किधर गयो रे॥ (×2)
सारे, मोदक, और लड्डू...
(3)
शंकर, को पूछ आई, नंदी, को पूछ आई,
कार्तिक, के संग, निकल गयो रे, निकल गयो रे,
गौरा, तेरा लाला, किधर गयो रे॥ (×2)
सारे, मोदक, और लड्डू...
(4)
हाथों, का कंगना लाई, पैरों, की पायल लाई,
मइया के आँचल में, छिप गयो रे, छिप गयो रे,
गौरा, तेरा लाला, किधर गयो रे॥ (×2)
सारे, मोदक, और लड्डू...
(5)
रिद्धि, को पूछ आई, सिद्धि, को पूछ आई,
कष्टों, को हरने, निकल गयो रे, निकल गयो रे,
भक्तों, को दर्शन, देने गयो रे॥ (×2)
भक्तों, को दर्शन, देने गयो रे॥
सारे लड्डू मोदक बिखर गयो रे गौरा तेरा लालागणेश चतुर्थी स्पेशल नया भजन #Ganesh Bhajan आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं