यीशु सलीब पर मुआ तेरे लिये सोंग
यीशु सलीब पर मुआ तेरे लिये मेरे लिये मसीह सोंग
यीशु सलीब पर मुआ,
तेरे लिये, मेरे लिये,
कैसा महान दुख सहा,
तेरे लिये, मेरे लिये।।
धारा वो कैसी खून की,
ख्रीस्त के क्रूस से बह रही,
धुल गये पाप, मिट गये दाग,
यीशु मसीह के लहू से,
यीशु सलीब पर मुआ।।
धो डालो आज पापों को,
दिल से मिटा दो दागों को,
हो जाओ साफ तन–मन से आज,
यीशु मसीह के लहू से,
यीशु सलीब पर मुआ।।
मर गया था क्रूस पर,
छेदा गया था क्रूस पर,
मैं भी बचा, तुम भी बचो,
यहोवा की सजाओं से,
यीशु सलीब पर मुआ।।
तेरे लिये, मेरे लिये,
कैसा महान दुख सहा,
तेरे लिये, मेरे लिये।।
धारा वो कैसी खून की,
ख्रीस्त के क्रूस से बह रही,
धुल गये पाप, मिट गये दाग,
यीशु मसीह के लहू से,
यीशु सलीब पर मुआ।।
धो डालो आज पापों को,
दिल से मिटा दो दागों को,
हो जाओ साफ तन–मन से आज,
यीशु मसीह के लहू से,
यीशु सलीब पर मुआ।।
मर गया था क्रूस पर,
छेदा गया था क्रूस पर,
मैं भी बचा, तुम भी बचो,
यहोवा की सजाओं से,
यीशु सलीब पर मुआ।।
YISHU SALEEB PAR MUHAA MERE LIYE. यीशु सलीब पर मुआ मेरे लिए । By RAJAN HANS
यीशु ने वह असहनीय दुख और मृत्यु स्वयं के लिए नहीं, बल्कि 'तेरे और मेरे' अर्थात समस्त मानवजाति के पापों के प्रायश्चित के लिए स्वीकार की। गीत के बोल क्रूस से बहती उस पवित्र रक्तधारा का चित्रण करते हैं जो पापों के गहरे दागों को भी मिटाने और आत्मा को शुद्ध करने की शक्ति रखती है। विश्वासी अपने मन और तन को बुराइयों से धोकर शुद्ध हो जाएं, क्योंकि क्रूस पर उनकी मृत्यु और छेदे जाने के कारण ही हमें परमेश्वर के न्याय और दंड से बचकर अनंत जीवन पाने का मार्ग मिला है।
ईश्वर को पाने का रास्ता केवल विधियों में नहीं, बल्कि 'दीन-हीनों' की सेवा और अपने 'शत्रुओं से भी प्रेम' करने में निहित है; बुराई का बदला बुराई से मत दो, बल्कि बुराई को भलाई से जीतो, क्योंकि क्षमा ही वह शक्ति है जो कठोर से कठोर हृदय को भी पिघला सकती है। उनका उपदेश यही है कि मन की विनम्रता और हृदय की शुद्धता ही सबसे बड़ा धन है, और जब तक हम दूसरों के अपराधों को क्षमा नहीं करते, तब तक हम उस परमपिता की पूर्ण दया का अनुभव नहीं कर सकते, इसलिए अहंकार को त्यागकर प्रेम और सेवा के संकरे मार्ग पर चलना ही जीवन की सार्थकता है।
