एक बात बताओ गणपत जी भजन
एक बात बताओ गणपत जी भजन
एक बात बताओ गणपत जी
(धुन - दिल लूटने वाले जादूगर)
एक बात बताओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
चूहा, गणपत से, कहने लगा।। (×2)
एक बात बताओ...
(1)
पहले से ही तुम भारी हो,
और साथ में दो-दो नारी हैं,
मत वजन बढ़ाओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
एक बात बताओ...
(2)
सोने का रथ मंगवा लेना,
तीनों लोक की सैर करा देना,
मत इतना सताओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
एक बात बताओ...
(3)
मैं वजन उठा नहीं पाऊंगा,
कैसे सेवा कर पाऊंगा,
कुछ रहम तो खाओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
एक बात बताओ...
(धुन - दिल लूटने वाले जादूगर)
एक बात बताओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
चूहा, गणपत से, कहने लगा।। (×2)
एक बात बताओ...
(1)
पहले से ही तुम भारी हो,
और साथ में दो-दो नारी हैं,
मत वजन बढ़ाओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
एक बात बताओ...
(2)
सोने का रथ मंगवा लेना,
तीनों लोक की सैर करा देना,
मत इतना सताओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
एक बात बताओ...
(3)
मैं वजन उठा नहीं पाऊंगा,
कैसे सेवा कर पाऊंगा,
कुछ रहम तो खाओ, गणपत जी,
चूहा, गणपत से, कहने लगा।।
एक बात बताओ...
गौरी सूत गणराज पधारों || गणेश चतुर्थी स्पेशल भजन || ललित माली इंदौर #ganesh #गणेशजीकीआरती #bhakti
SINGER - LALIT MALI
Mob No - 9907770327
Lyrics:- Lalit Mali | Aarti Mali
Music & Vedio :- Aashish pareek production
Special Thanks :- Shivanshu Chaurasiya & Aarti Mali
Aashish pareek
Mob No - 9907770327
Lyrics:- Lalit Mali | Aarti Mali
Music & Vedio :- Aashish pareek production
Special Thanks :- Shivanshu Chaurasiya & Aarti Mali
Aashish pareek
गणपत जी ऊपर विराजते हैं भारीकाय, साथ दो नारियाँ सवार। चूहा बोले विनती में, वजन न बढ़ाओ स्वामी। सोने का रथ मँगवा लो, तीनों लोक घुमाओ आराम से। सेवा का बोझ न सताओ, रहम करो थोड़ा। साधकों को इश्वर का आशीर्वाद ऐसी लीलाओं से मिलता है, जैसे कोई मित्र हँसते हुए सब संभाल ले।
वजन उठाना मुश्किल लगे तो भी गणराज भरोसा जगाते हैं। चूहा की पुकार सुनकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। जीवन में भी वैसे ही सहज रहो, बोझ हल्का हो जाता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गणपति जी! जय श्री रिद्धि सिद्धि जी!
वजन उठाना मुश्किल लगे तो भी गणराज भरोसा जगाते हैं। चूहा की पुकार सुनकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। जीवन में भी वैसे ही सहज रहो, बोझ हल्का हो जाता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गणपति जी! जय श्री रिद्धि सिद्धि जी!
भाव सुमन लेकर मैं बैठा गौरी सुत स्वीकार करो
मेरे अंगना में आए गजानंद सखी री भजन
हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन हम शरण तिहारी आए
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Author - Saroj Jangir
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