मेरे ह्रदय का बाग खिला नाकोड़ा दरबार मिला भजन

मेरे ह्रदय का बाग खिला नाकोड़ा दरबार मिला भजन


मेरे हृदय का बाग खिला,
नाकोड़ा दरबार मिला,
ओ दादा तेरा द्वार मिला,
ओ नाकोड़ा दरबार मिला।

बीच पहाड़ियों में दर तेरा सोहे,
तीर्थों में तीर्थ बड़ा मन को मोहे,
मालाणी की गोद में पला,
नाकोड़ा दरबार मिला।

पार्श्व प्रभु के संग भेरूजी विराजे,
तारों के बीच जैसे चंदा साजे,
करके दर्शन सुख चैन मिला,
नाकोड़ा दरबार मिला।

देवी और देवता भी आने को तरसे,
भक्ति के रूप में अमृत बरसे,
कैसे भूलूँ मैं इसको भला,
नाकोड़ा दरबार मिला।

भेरूजी की कृपा से आनंद छाया,
जागा है भाग्य में नाकोड़ा आया,
किशन दिलबर ये चले सिलसिला,
नाकोड़ा दरबार मिला।

मेरे हृदय का बाग खिला,
नाकोड़ा दरबार मिला,
ओ दादा तेरा द्वार मिला,
ओ नाकोड़ा दरबार मिला।



नाकोड़ा दरबार मिला। भावों से ओत - प्रोत भजन एक बार जरूर सुने। Kishan Goyal Balotra की आवाज़ में।

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❂Song : NAKODA DARBAAR MILA 
❂Singer :Kishan Goyal 
❂Lyrics : Dileep Singh Dilbar 
❂Mix : Hitesh Panwar
❂Recording : Hitesh Panwar
❂Music Label : kishan Goyal 
❂Category : Devotional
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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