दीक्षा दिवस है सिणधरी नगरे श्री जिन मनोज्ञ सुरिवर का
दीक्षा दिवस है सिणधरी नगरे श्री जिन मनोज्ञ सुरिवर का
दीक्षा दिवस है सिणधरी नगरे,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
सुविहित संयम स्वर्णोत्सव है,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है,
जिनशासन की शान,
माँ देमी नंदन है,
एकावनवाँ दीक्षा दिवस है,
झूमें धरती झूमें गगन हैं,
छाई गुरु भक्ति की लहर है।
ऐसे निराले हैं संत,
ज्यो लागे अरिहंत,
मुख मुद्रा ये मन को मोहे,
शांत सरल स्वभाव में रहें,
वैराग्य पथ पर बढ़ते जा रहे बस,
मुक्ति का लिया ये लक्ष्य है,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है।
है सौभाग्य हमारा,
मिला आशीष तुम्हारा,
गुरुवर तू ही सहारा,
तू ही प्राणों से प्यारा,
हम भक्तों पे तेरी महर,
स्वीकारो बधाई गुरूवर,
दीक्षा दिवस का शुभ अवसर,
स्वीकारो बधाई गुरूवर,
युग युग जियो गुरुवर मेरे,
दिलबर ये प्राची कहे,
गुरु चरणों में सदा ही रहें,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है।
दीक्षा दिवस है सिणधरी नगरे,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
सुविहित संयम स्वर्णोत्सव है,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है,
जिनशासन की शान,
माँ देमी नंदन है,
एकावनवाँ दीक्षा दिवस है,
झूमें धरती झूमें गगन हैं,
छाई गुरु भक्ति की लहर है।
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
सुविहित संयम स्वर्णोत्सव है,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है,
जिनशासन की शान,
माँ देमी नंदन है,
एकावनवाँ दीक्षा दिवस है,
झूमें धरती झूमें गगन हैं,
छाई गुरु भक्ति की लहर है।
ऐसे निराले हैं संत,
ज्यो लागे अरिहंत,
मुख मुद्रा ये मन को मोहे,
शांत सरल स्वभाव में रहें,
वैराग्य पथ पर बढ़ते जा रहे बस,
मुक्ति का लिया ये लक्ष्य है,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है।
है सौभाग्य हमारा,
मिला आशीष तुम्हारा,
गुरुवर तू ही सहारा,
तू ही प्राणों से प्यारा,
हम भक्तों पे तेरी महर,
स्वीकारो बधाई गुरूवर,
दीक्षा दिवस का शुभ अवसर,
स्वीकारो बधाई गुरूवर,
युग युग जियो गुरुवर मेरे,
दिलबर ये प्राची कहे,
गुरु चरणों में सदा ही रहें,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है।
दीक्षा दिवस है सिणधरी नगरे,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
सुविहित संयम स्वर्णोत्सव है,
श्री जिन मनोज्ञ सूरिवर का,
गुरु भक्तों में हर्ष समाया,
आया शुभ मंगल अवसर है,
जिनशासन की शान,
माँ देमी नंदन है,
एकावनवाँ दीक्षा दिवस है,
झूमें धरती झूमें गगन हैं,
छाई गुरु भक्ति की लहर है।
दीक्षा दिवस बधाई गीत | श्री जिन मनोज्ञसूरि जी म.सा. | सिणधरी चातुर्मास | प्राची जैन
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Song : Diksha Divas Bhajan
Singer : Prachi Jain
Lyrics : Dilip Ji Sisodia (Dilbar)
Music Mixing : Meru Studio
Video Editing : Jasnath Studio
Singer : Prachi Jain
Lyrics : Dilip Ji Sisodia (Dilbar)
Music Mixing : Meru Studio
Video Editing : Jasnath Studio
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
