रतनो आँखदी वे जोगिया मन केहना भजन

रतनो आँखदी वे जोगिया मन केहना भजन

रतनो आँखदी वे जोगिया मन केहना,
वे तू जंगला च जा के बचा की लेना,

एथे  माता पिता तेरे ओथे अकलियाँ रहना,
रतनो आखदी वे जोगियां मन केहना,
वे तू जंगला च जा के बचा की लेना,

एथे दूध ते मलाइयाँ ओथे भूखे रहना,
रतनो आखदी वे जोगियां मन केहना,
वे तू जंगला च जा के बचा की लेना,

एथे पलंग नवारी ओथे थले सोहना,
रतनो आखदी वे जोगियां मन केहना,
वे तू जंगला च जा के बचा की लेना,

एथे फ़िक्र न कोई ओथे दुःख सहना,
रतनो आखदी वे जोगियां मन केहना,
वे तू जंगला च जा के बचा की लेना,



रत्नों आखदी वे जोगिया मन कहना ।। Baba Balaknath Ji Bhajan।। Kirtan 🙏🏻🌹

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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