सुण म्हारा जम्भगुरू सुण ज्यो मैं अरज करू

सुण म्हारा जम्भगुरू सुण ज्यो मैं अरज करू

सुण म्हारा जांभ गुरु,
सुण ज्यो मैं अरज करू,
थे पीपासर भल आयज्यो,
मैं अरज करू।।

मां हंसा रो मान बढ़ायज्यो,
मैं अरज करू,
थे समराथल पर आयज्यो,
मैं अरज करू,
सुण म्हारा जांभ गुरु,
सुण ज्यो मैं अरज करू।।

थे रोटू नगरी आयज्यो,
उमा ने भात भरायज्यो,
मैं अरज करू,
थे जांभां नगरी आयज्यो,
मैं ध्यान धरू।।

जांभोलाव रो माहात्म बतायज्यो,
मैं अरज करू,
थारो हरि ने भजन बणायो,
मैं अरज करू,
सुण म्हारा जांभ गुरु,
सुण ज्यो मैं अरज करू।।

सुण म्हारा जांभ गुरु,
सुण ज्यो मैं अरज करू,
थे पीपासर भल आयज्यो,
मैं अरज करू।।



सुन म्हारा मनवा बीर | Sun Mhara Manava Bir | Bhakti Ra Marg | Moinuddin Manchala | Rajasthani Bhajan

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्सआध्यात्मिक भजनगुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post