दो दो जोगनिया के बीच अकेलो लांगुरिया

दो दो जोगनिया के बीच अकेलो लांगुरिया भजन

 
दो दो जोगनिया के बीच अकेलो लांगुरिया लिरिक्स Do Do Joganiya Ke Beech Akelo Languriya Lyrics

दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
अकेलो लांगुरिया
अरे
अकेलो लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया

बड़ी जोगनी यो कहे
नथली लाज्यो मोय
बड़ी जोगनी यो कहे
नथली लाज्यो मोय
छोटी जोगनी यो कहे रे
कुंडल लाइजो मोय
अरे दो दो ...................
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
अकेलो लांगुरिया
अरे अकेलो लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया

बड़ी जोगनी यो कहे
कोई फरिया लाइज्यो मोय
बड़ी जोगनी यो कहे
कोई फरिया लाइज्यो मोय
छोटी जोगनी यो कहे रे
साड़ी लायीयो मोय
अरे दो दो ...................
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
अकेलो लांगुरिया
अरे अकेलो लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया

बड़ी जोगनी यो कहे
रे लहंगा लायीज्यो मोय
छोटी जोगनी यो कहे रे
सलवार सिलवा दे मोय
अरे दो दो ...................
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
अकेलो लांगुरिया
अरे अकेलो लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया

बड़ी जोगनी यो कहे
रे पायजम लाइयो मोय
बड़ी जोगनी यो कहे
रे पायजम लाइयो मोय
छोटी जोगनी यो कहे रे
सेंडिल लायीज्यो मोय
अरे दो दो ...................
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
अकेलो लांगुरिया
अरे अकेलो लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया

खोटे करम छोड़ दे लांगुरिया
लखन रहियो समझाय
एक म्यान में दो तलवार
कबहू ना असमाय
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया
अकेलो लांगुरिया
अरे
अकेलो लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
अकेलो खेले लांगुरिया
दो दो जोगनिया के बीच
अकेलो लांगुरिया


Do Do Joganiya Ke Beech Mein Akelo Languriya | Rajasthani Songs

Singer: Lakhan Bharti
Album: Mataji Ka Languriya
Audio-Video: Alfa Music & Films
 
राजस्थान में माता रानी के भजनों में "लांगुरिया" एक विशेष प्रकार के लोकगीत और भजन हैं जो मुख्य रूप से कैला देवी (करौली, राजस्थान) के मंदिर में गाए जाते हैं। "लांगुरिया" शब्द का इस्तेमाल हनुमान जी के लिए किया जाता है, जिन्हें कैला देवी का रक्षक या द्वारपाल माना जाता है। इन भजनों में भक्त लांगुरिया (हनुमान) को संबोधित करते हुए उनसे माता के दर्शन कराने, अपनी मनोकामना पूरी करने और परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। ये गीत अक्सर भक्ति और हास्य का मिश्रण होते हैं, जिसमें लांगुरिया को शरारती या चंचल रूप में भी दर्शाया जाता है। यह परंपरा भक्तों की आस्था और उनके लोकगीतों की शैली का एक अभिन्न अंग है, खासकर नवरात्रि के दौरान कैला देवी मंदिर में होने वाले मेलों में। 
 
आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं
Next Post Previous Post