सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके अर्थ महत्त्व
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
मंत्र:- सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ:- हे नारायणी! आप सभी प्रकार के मंगलों में श्रेष्ठ, कल्याणकारी, समस्त उद्देश्यों को पूर्ण करने वाली हैं। आप शरणागतों की रक्षक, तीन नेत्रों वाली (त्र्यम्बके), गौरवर्णी (गौरी) हैं। आपको हमारा नमस्कार है।
महत्त्व:
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये: आप सभी मंगलों में श्रेष्ठ हैं, अर्थात् समस्त शुभताओं की अधिष्ठात्री देवी हैं।
शिवे: आप कल्याणकारी हैं, जो भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती हैं।
सर्वार्थसाधिके: आप सभी उद्देश्यों और कामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं, जिससे भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
शरण्ये: आप शरणागतों की रक्षक हैं, जो आपकी शरण में आते हैं, उन्हें आप सुरक्षा और संबल प्रदान करती हैं।
त्र्यम्बके: आप तीन नेत्रों वाली हैं, जो भूत, भविष्य और वर्तमान को देखती हैं, अर्थात् सर्वज्ञानी हैं।
गौरी: आप गौरवर्णी हैं, जो पवित्रता और शुद्धता की प्रतीक हैं।
नारायणी: आप नारायण की शक्ति हैं, जो सृष्टि की पालनकर्ता हैं।
इस मंत्र का जाप करने से भक्तों को माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सभी कार्यों में सफलता मिलती है। यह मंत्र विशेष रूप से नवरात्रि और अन्य शुभ अवसरों पर उच्चारित किया जाता है, जिससे माँ दुर्गा की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ:- हे नारायणी! आप सभी प्रकार के मंगलों में श्रेष्ठ, कल्याणकारी, समस्त उद्देश्यों को पूर्ण करने वाली हैं। आप शरणागतों की रक्षक, तीन नेत्रों वाली (त्र्यम्बके), गौरवर्णी (गौरी) हैं। आपको हमारा नमस्कार है।
महत्त्व:
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये: आप सभी मंगलों में श्रेष्ठ हैं, अर्थात् समस्त शुभताओं की अधिष्ठात्री देवी हैं।
शिवे: आप कल्याणकारी हैं, जो भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती हैं।
सर्वार्थसाधिके: आप सभी उद्देश्यों और कामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं, जिससे भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
शरण्ये: आप शरणागतों की रक्षक हैं, जो आपकी शरण में आते हैं, उन्हें आप सुरक्षा और संबल प्रदान करती हैं।
त्र्यम्बके: आप तीन नेत्रों वाली हैं, जो भूत, भविष्य और वर्तमान को देखती हैं, अर्थात् सर्वज्ञानी हैं।
गौरी: आप गौरवर्णी हैं, जो पवित्रता और शुद्धता की प्रतीक हैं।
नारायणी: आप नारायण की शक्ति हैं, जो सृष्टि की पालनकर्ता हैं।
इस मंत्र का जाप करने से भक्तों को माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सभी कार्यों में सफलता मिलती है। यह मंत्र विशेष रूप से नवरात्रि और अन्य शुभ अवसरों पर उच्चारित किया जाता है, जिससे माँ दुर्गा की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके दुर्गा मंत्र
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
Sarvamangalamaangalye Shive Sarvaarthasaadhike .
Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostu Te .
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
