कोई भाव से मेरी मैया को मना ले भजन

कोई भाव से मेरी मैया को मना ले भजन

(मुखड़ा)
कोई भाव से मेरी मैया को मना ले,
कोई भाव से माँ को चुनरी चढ़ा दे,
भाग्य जग जाएगा,
भाग्य जग जाएगा।।

(अंतरा)
गंगाजल से मेरी माँ को नहला दे,
रोली चंदन मेरी माँ को लगा दे,
माँ को लगा दे,
फिर प्यार से अड़हुल का हार चढ़ा दे,
भाग्य जग जाएगा,
भाग्य जग जाएगा।।

कानों में अंबे माँ के कुंडल पहना दे,
हाथों में जगदंबे के मेहंदी लगा दे,
माँ को सजा दे,
फिर प्यार से माँ को पायल पहना दे,
भाग्य जग जाएगा,
भाग्य जग जाएगा।।

हलवा, पूरी, चने का भोग लगा दे,
सातों बहिन संग भैरव भैया को चढ़ा दे,
भैया को चढ़ा दे,
राघवेंद्र को देवेन्द्र ये बता दे,
भाग्य जग जाएगा,
भाग्य जग जाएगा।।

(अंतिम पुनरावृत्ति)
कोई भाव से मेरी मैया को मना ले,
कोई भाव से माँ को चुनरी चढ़ा दे,
भाग्य जग जाएगा,
भाग्य जग जाएगा।।
 


भाग्य जग जाएगा~Bhagay Jag Jayega Most ~ Populer Mata Bhajan ~Pujya Shri Devendra ji maharaj आयोध्या
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