आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया भजन
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
माथे मणी मोतिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारे कारे कजरा ने जुलमी नयनमा,
माथे मणी मोतिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारे कारे कजरा ने जुलमी नयनमा,
लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में.................
सांवर सांवर गोरे गोरे जोड़ीया जहान हो,
अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हो
जुग जुग जिए बेमिसाल सखिया
जीए, जुग जुग जिए बेमिसाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में.................
छगन मगन आजु मिथिला धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के साँवर सुरतिया,
छगन मगन आजु मिथिला धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के साँवर सुरतिया,
बाल वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखिया
हाँ रे बाल वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में.................
जेहि लगी जगी मुनि जप तप कईले,
सोइ मिथिला जी में दूल्हा बन के अईले
जेहि लगी जगी मुनि जप तप कईले,
सोइ मिथिला जी में दूल्हा बन के अईले
आज लोढ़ा से सेदाई इन कर गाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
माथे मणी मोतिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारे कारे कजरा ने जुलमी नयनमा,
माथे मणी मोतिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारे कारे कजरा ने जुलमी नयनमा,
लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में.................
सांवर सांवर गोरे गोरे जोड़ीया जहान हो,
अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हो
जुग जुग जिए बेमिसाल सखिया
जीए, जुग जुग जिए बेमिसाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में.................
छगन मगन आजु मिथिला धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के साँवर सुरतिया,
छगन मगन आजु मिथिला धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के साँवर सुरतिया,
बाल वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखिया
हाँ रे बाल वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
चारों दुलहा में.................
जेहि लगी जगी मुनि जप तप कईले,
सोइ मिथिला जी में दूल्हा बन के अईले
जेहि लगी जगी मुनि जप तप कईले,
सोइ मिथिला जी में दूल्हा बन के अईले
आज लोढ़ा से सेदाई इन कर गाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया Aaj Mithila Nagariya Nihal Sakhiya #Pujyarajanji #mithila #vivah
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा,
लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
श्यामल श्यामल गोरे गोरे, जोड़ीया जहान रे,
अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हे
जुगे जुगे, जीबे जोड़ी बेमिसाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
गगन मगन आजु मगन धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के, साँवर सुरतिया,
बाल वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
जेकरा लागी जोगी मुनि जप तप कईले,
से मोरा मिथिला में पाहुन बन के अईले
आजु लोढ़ा से सेदाई इनके गाल सखिया
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में ई बड़का कमाल सखिया
शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा,
लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
श्यामल श्यामल गोरे गोरे, जोड़ीया जहान रे,
अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हे
जुगे जुगे, जीबे जोड़ी बेमिसाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
गगन मगन आजु मगन धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के, साँवर सुरतिया,
बाल वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया
जेकरा लागी जोगी मुनि जप तप कईले,
से मोरा मिथिला में पाहुन बन के अईले
आजु लोढ़ा से सेदाई इनके गाल सखिया
राजन जी महाराज - संपर्क सूत्र - +919831877060, +919038822776
A Very Traditional Beautiful Bhojpuri Bhajan Of Sri Sitaram Vivah. Sung By Pujya Rajan Jee In Sri Ramkatha. AAJ MITHILA NAGARIYA NIHAL SAKHIYA is a devotional song.
Credit Description:
Song Sung By : Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
Lyrics By: Paramparik (Traditional)
Music Composed By: Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
Producer and Published By : Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
A Very Traditional Beautiful Bhojpuri Bhajan Of Sri Sitaram Vivah. Sung By Pujya Rajan Jee In Sri Ramkatha. AAJ MITHILA NAGARIYA NIHAL SAKHIYA is a devotional song.
Credit Description:
Song Sung By : Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
Lyrics By: Paramparik (Traditional)
Music Composed By: Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
Producer and Published By : Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
मिथिला की नगरी आज पूरी तरह निहाल हो रही है। चारों दुल्हे इतने सुंदर और अनोखे लग रहे हैं कि देखने वाले का मन बार-बार ठहर जाता है। माथे पर मणि और मोतियों का श्रृंगार, कानों में सोने के कुंडल, कजरारी आँखों में जुल्मी नैन, और लाल चंदन का तिलक भाल पर सोह रहा है। साँवरे और गोरे जोड़े एक साथ देखकर लगता है जैसे संसार की सबसे प्यारी जोड़ी बन गई हो।
आज मिथिला की धरती छगन-मगन है। बाल-बूढ़े, नर-नारी सब दुल्हों की साँवरी सूरत देख-देखकर बेहाल हो रहे हैं। आँखें नहीं हट रही हैं, कान सुनने को तैयार नहीं। जुग-जुग जीने लायक यह अनुपम दृश्य है। मुनियों ने जप-तप करके जिसके दर्शन की कामना की थी, वही आज मिथिला में दुल्हा बनकर आया है। लोढ़े से सेदाई भरे गालों वाली यह छवि देखकर हर कोई मोहित हो रहा है।
चारों दुल्हों की यह जोड़ी देखकर पूरा नगरिया खुशी से झूम उठा है। साँवरे और गोरे रंग की यह अनोखी संगत दिलों में बस गई है। आज मिथिला में जो उत्सव छाया है, वह सिर्फ शादी का नहीं, बल्कि प्रेम और सौंदर्य का उत्सव है।
ऐसा पल देखकर लगता है कि जब सच्चा मिलन होता है तो चारों तरफ सिर्फ खुशी और रोशनी फैल जाती है। दिल हल्का हो जाता है और जीवन सुंदर लगने लगता है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री राम जी की।
आज मिथिला की धरती छगन-मगन है। बाल-बूढ़े, नर-नारी सब दुल्हों की साँवरी सूरत देख-देखकर बेहाल हो रहे हैं। आँखें नहीं हट रही हैं, कान सुनने को तैयार नहीं। जुग-जुग जीने लायक यह अनुपम दृश्य है। मुनियों ने जप-तप करके जिसके दर्शन की कामना की थी, वही आज मिथिला में दुल्हा बनकर आया है। लोढ़े से सेदाई भरे गालों वाली यह छवि देखकर हर कोई मोहित हो रहा है।
चारों दुल्हों की यह जोड़ी देखकर पूरा नगरिया खुशी से झूम उठा है। साँवरे और गोरे रंग की यह अनोखी संगत दिलों में बस गई है। आज मिथिला में जो उत्सव छाया है, वह सिर्फ शादी का नहीं, बल्कि प्रेम और सौंदर्य का उत्सव है।
ऐसा पल देखकर लगता है कि जब सच्चा मिलन होता है तो चारों तरफ सिर्फ खुशी और रोशनी फैल जाती है। दिल हल्का हो जाता है और जीवन सुंदर लगने लगता है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री राम जी की।
