
भोले तेरी भक्ति का अपना ही
यह गीत मिथिला नगरी में श्रीराम और सीता के विवाह के अवसर पर व्याप्त हर्षोल्लास का वर्णन करता है।
आज मिथिला नगरी आनंदित है, क्योंकि चारों दूल्हों में श्रीराम सबसे अद्वितीय हैं। उनके सिर पर मोरपंख की मणि जड़ी हुई है, कानों में कुंडल सुशोभित हैं, काजल से भरी उनकी काली-कजरारी आँखें मनमोहक हैं, और उनके माथे पर लाल चंदन की बिंदी सुशोभित है।
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Author - Saroj Jangir
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