हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम भजन
हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम
हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम
खाटू में जाकर देखो बनते बिगड़े हर काम
हारे हुओं को बाबा देते सहारा
टूटी हुई कश्तियों को मिलता किनारा
श्याम नाम के सहारे मैं करता हूँ आराम
हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम
कर विश्वास सारी दुनिया है आई
जिसने भी लिया नाम विपदा ना पाई
कैसे भूलूँ कान्हा जो तुमने किये उपकार
हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम
तेरे नाम से ही हमको मिली पहचान है
तेरे भरोसे चलता मेरा ये परिवार है
जय की तो सुन लेता बाबा ये करूँ पुकार
हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम
हारे के तुम साथी कहलाते बाबा श्याम | खाटू श्याम भजन | Jai Goyal | Haare Ke Tum Saathi (Full HD)
Song: Haare Ke Tum Saathi
Singer & Writer: Jai Goyal
Music: MR. Remo (Hanumangarh)
Artist: Varun Bansal
Spcl Thanks: Shree Shyam Bagichi )Moga)
Video: Cinerig Studio
Category: HIndi Devotional (Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
Singer & Writer: Jai Goyal
Music: MR. Remo (Hanumangarh)
Artist: Varun Bansal
Spcl Thanks: Shree Shyam Bagichi )Moga)
Video: Cinerig Studio
Category: HIndi Devotional (Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
Label: Yuki
भजन की गहराई और भाव की पूरी प्रबलता इस बात में है कि हर संकट, हर मुश्किल में एक ऐसा सहारा होता है जो सब विपदाओं पर भारी पड़ता है। यह सहारा अपने आप में एक विश्वास, आश्रम और जीवन की हर विघ्न- बाधा पर विजय का प्रतीक है। विपत्ति चाहे कितनी भी बड़ी हो, वह जितनी भी घातक क्यों न हो, उसके आगे उस सहारे की ज्योति कभी मंद नहीं पड़ती, बल्कि वह उर्जा और धैर्य की अनंत झड़ी लगाता है। संकटों और दुःखों के गर्त में भी आशा की किरण जगाता है, जो हर रूप से निराशा को परास्त कर देता है।
यह ज्योति शासन करती है हृदयों पर, उनमें विश्वास, प्रेम और निष्ठा की लौ जलाती है, जो जीवन के कठिन रास्तों को भी सरल और सुगम बना देती है। जीवन की हर उलझन में वह सहारा ही समाधान और शांति की गारंटी है। जब यह प्रकाश दृष्टी में आता है, तो निराशा के बादल खुद ब खुद छंट जाते हैं। संकटों के संकट भी उस ज्योति के समक्ष क्षीण होकर पीछे हट जाते हैं, और जीवन पुनः उल्लास, उमंग और प्रेम से भर जाता है।
यह ज्योति शासन करती है हृदयों पर, उनमें विश्वास, प्रेम और निष्ठा की लौ जलाती है, जो जीवन के कठिन रास्तों को भी सरल और सुगम बना देती है। जीवन की हर उलझन में वह सहारा ही समाधान और शांति की गारंटी है। जब यह प्रकाश दृष्टी में आता है, तो निराशा के बादल खुद ब खुद छंट जाते हैं। संकटों के संकट भी उस ज्योति के समक्ष क्षीण होकर पीछे हट जाते हैं, और जीवन पुनः उल्लास, उमंग और प्रेम से भर जाता है।
