(मुखड़ा) माँ काँगड़े वाली तुझे नमन, क्या खूब सजा है तेरा भवन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
(अंतरा) ऊपर अद्भुत छटा बिखेरे, धौलाधार बर्फानी, नीचे घाटी, मात बिराजे, नगरकोट महारानी, दीनजन के सर पर मैया, दया की चादर तानी, महिमा कैसे बखाने ये लख्खा,
मूढ़मति अज्ञानी।।
बर्फ का पर्वत करे रखवाली, और बीच माँ तेरा द्वारा, चम-चम चमके भवन सुनहरा, लगता है बड़ा प्यारा, खुल गई मेरी किस्मत माता, हो गया दर्शन मुझको, चूम के चौखट तेरी माता, लख्खा, लाख-लाख, नमन करे तुझको।।
माँ काँगड़े वाली तुझे नमन,
Mata Rani Bhajan lyrics in hindi
क्या खूब सजा है तेरा भवन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
नगरकोट की तू महारानी, तू शक्ति, तू आद भवानी, वेद-पुराणों ने महिमा बखानी, सबको वर देती वरदानी, सुखदायी तेरे दर्शन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
धौलाधार पर्वत का पहरा, चम-चम चमके भवन सुनहरा, मनोकामना पूरी होती,
जो भी ध्यान धरे माँ तेरा, संकट काटे तेरा भजन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
के.के. शर्मा चरणों के चाकर, दर पे खड़े हैं शीश झुककर, ऐमिल जगराते की चर्चा, सरल आज हो रही है घर-घर, गाए लख्खा महिमा होके मगन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
काँगड़े वाली आनंद करना, अवगुण बहुत हैं, ध्यान न धरना, भक्तजनो की विपदा हारना, चरणधूल दे, झोलियाँ भरना, हमें लगी रहे माँ, तेरी लगन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
(पुनरावृत्ति) माँ काँगड़े वाली तुझे नमन, क्या खूब सजा है तेरा भवन, माँ काँगड़े वाली तुझे नमन।।
यह भजन माँ काँगड़े वाली की महिमा का गुणगान करता है, जो नगरकोट में बिराजमान हैं। इसमें भक्त माँ के दरबार की अद्भुत छवि को बयां करता है और माँ से कृपा बरसाने की प्रार्थना करता है। माँ के भक्तों की झोलियाँ भरने और विपदाओं को दूर करने की माँग करते हुए, यह भजन माँ की असीम शक्ति को नमन करता है।
Maa Kangra Wali Maa Kangra Wali · Lakhbir Singh Lakkha
Ye Maiya Ka Dar Hai