लाज रखो गिरधारी जैसी लाज रखी अर्जुन भजन
लाज रखो गिरधारी जैसी लाज रखी अर्जुन भजन
लाज रखो गिरधारी, लाज रखों गिरधारी,
लाज रखो गिरधारी, लाज रखों गिरधारी,
जैसी लाज रखी अर्जुन की,
जैसी लाज रखी अर्जुन की,
भारत युद्ध पछानी,
सारथी होके रथ को हांक्यो,
सारथी होके रथ कर हांक्यो,
चक्र सुदर्शन धारी,
भक्त की एक ना टारी,
लाज रखों गिरधारी, लाज रखो गिरधारी,
जैसी लाज रखी द्रौपदी की,
जैसी लाज रखी द्रौपदी की,
होना ना देनी उघारी,
खेंचत खेचत दो भुज थाके,
खेचत खेचत दो भुज के,
दुशासन पञ्च धारी,
चीर बढ़ायो मुरारी,
लाज रखों गिरधारी, लाज रखों गिरधारी,
सूरदास की लाज रखो प्रभु,
सूरदास की लाज रखों प्रभु,
अब वो है रघुवारी,
राधे राधे श्रीमन प्यारों,
राधे राधे श्रीमन प्यारों,
शिव सुभान दुलारी,
शरण में आयो तिहारी,
लाज रखों गिरधारी, लाज रखों गिरधारी,
लाज रखो गिरधारी, लाज रखो गिरधारी,
जैसी लाज रखी अर्जुन की,
जैसी लाज रखी अर्जुन की,
भारत युद्ध पछानी,
सारथी होके रथ को हांक्यो,
सारथी होके रथ कर हांक्यो,
चक्र सुदर्शन धारी,
भक्त की एक ना टारी,
लाज रखों गिरधारी, लाज रखो गिरधारी,
जैसी लाज रखी द्रौपदी की,
जैसी लाज रखी द्रौपदी की,
होना ना देनी उघारी,
खेंचत खेचत दो भुज थाके,
खेचत खेचत दो भुज के,
दुशासन पञ्च धारी,
चीर बढ़ायो मुरारी,
लाज रखों गिरधारी, लाज रखों गिरधारी,
सूरदास की लाज रखो प्रभु,
सूरदास की लाज रखों प्रभु,
अब वो है रघुवारी,
राधे राधे श्रीमन प्यारों,
राधे राधे श्रीमन प्यारों,
शिव सुभान दुलारी,
शरण में आयो तिहारी,
लाज रखों गिरधारी, लाज रखों गिरधारी,
लाज रखो गिरधारी, लाज रखो गिरधारी,
Laaj Rakho Girdhari | Hindi Devotional Song | Chitra Singh
laaj rakho giradhaaree, laaj rakhon giradhaaree,
jaisee laaj rakhee arjun kee,
jaisee laaj rakhee arjun kee,
jaisee laaj rakhee arjun kee,
jaisee laaj rakhee arjun kee,
जब युद्ध का मैदान गरम था और अर्जुन का मन डगमगा गया, तब गिरधारी सारथी बनकर रथ हांकने लगे। चक्र सुदर्शन हाथ में लेकर उन्होंने भक्त की लाज न टाली। अर्जुन की तरह हम भी जब हिम्मत हार बैठते हैं, तब वे खुद सामने आकर रास्ता दिखाते हैं। द्रौपदी की लाज रखने के लिए मुरारी ने अनंत चीर बढ़ा दिए। दुशासन के हाथ थक गए, लेकिन चीर कभी खत्म नहीं हुआ। सभा में सब चुप थे, लेकिन गिरधारी ने अपनी भक्त की इज्जत बचाई। आज भी जब कोई अपमान या संकट आए और चारों तरफ से निराशा घिर आए, तब बस एक बार उनका नाम ले लो, वे लाज रख लेते हैं।
सूरदास जी की तरह अंधेरे में भी वे रोशनी बनकर आ जाते हैं। राधे-राधे पुकारने वाले, शिव और सुभान के दुलारे, जो भी उनकी शरण में आ जाता है, उसकी लाज वे हमेशा रख लेते हैं।
गिरधारी की दया ऐसी है कि भक्त की एक छोटी सी पुकार पर भी वे दौड़े चले आते हैं। चाहे युद्ध हो, सभा हो या अंधकार भरा जीवन, उनकी शरण में आने पर कोई भी लाज नहीं टूटती। जब दिल में बस यही भाव रहता है कि लाज रखो गिरधारी, तो सारी परेशानियाँ हल्की पड़ जाती हैं। वे सारथी बनकर रथ हांकते हैं, चीर बढ़ाते हैं और हर मुश्किल में साथ देते हैं। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
सूरदास जी की तरह अंधेरे में भी वे रोशनी बनकर आ जाते हैं। राधे-राधे पुकारने वाले, शिव और सुभान के दुलारे, जो भी उनकी शरण में आ जाता है, उसकी लाज वे हमेशा रख लेते हैं।
गिरधारी की दया ऐसी है कि भक्त की एक छोटी सी पुकार पर भी वे दौड़े चले आते हैं। चाहे युद्ध हो, सभा हो या अंधकार भरा जीवन, उनकी शरण में आने पर कोई भी लाज नहीं टूटती। जब दिल में बस यही भाव रहता है कि लाज रखो गिरधारी, तो सारी परेशानियाँ हल्की पड़ जाती हैं। वे सारथी बनकर रथ हांकते हैं, चीर बढ़ाते हैं और हर मुश्किल में साथ देते हैं। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
