लाज रखो हे कृष्ण मुरारी हे गिरधारी भजन

लाज रखो हे कृष्ण मुरारी हे गिरधारी भजन

 
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी भजन लिरिक्स Laaj Rakho Hey Krishna Murari Bhajan Lyrics

लाज रखो हे, कृष्ण मुरारी,
हे गिरधारी, हे बनवारी,
लाज रखो हे, कृष्ण मुरारी,
हे गिरधारी, हे बनवारी,
लाज रखो है कृष्ण मुरारी
हे गिरधारी, हे गिरधारी कृष्ण मुरारी
मैं समझी थी एक है अँधा
यहां तो अंधी सभा है सारी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
अब मैं आस करूँ कहूँ किस पर
सब के सब बैठे है जुआरी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
सर नीचे कर के बैठे हैं
वहीं गदा वहीं गांडीव धारी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
कहता है खुद को बलशाली
खिंच रहा अब ला की सारी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
बाबा भी क्यों चुप बैठे हैं
पता नहीं क्या उनको लाचारी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी


लाज रखो हे कृष्ण मुरारी ........Rajeev SinghLaj Rakho He, Krshn Murari,

सभा में सब कुछ उलट-पुलट हो रहा था। द्रौपदी खड़ी थी, अपमान की आँच उसके चेहरे पर साफ दिख रही थी। पाँचों पति सिर नीचे किए चुपचाप बैठे थे। वहीं गदा और गांडीवधारी भी मौन थे। पितामह भी कुछ बोल नहीं पा रहे थे, जैसे उनकी लाचारी उन्हें बाँधे रखी हो। सारी सभा अंधी हो चुकी थी, सब जुआरी बन गए थे।
उस वक्त द्रौपदी ने चारों तरफ देखा और समझ गई कि अब कोई सहारा नहीं बचा। फिर उसकी आँखों में सिर्फ एक नाम आया – कृष्ण मुरारी, गिरधारी, बनवारी। बस वही एक आस बची थी।
जब सबके हाथ बँधे हुए थे, तब गिरधारी ने अपनी भक्त की लाज रख ली। अनंत चीर की धारा बह निकली और दुशासन थककर रह गया।
आज भी जीवन में जब चारों तरफ से निराशा घिर आए, अपने भी सिर झुका लें और कोई आवाज न निकले, तब बस यही पुकार काफी है – लाज रखो हे कृष्ण मुरारी।
वे सारथी बनकर रथ हांकते हैं, चीर बढ़ाते हैं और हर मुश्किल वक्त में साथ खड़े हो जाते हैं। उनकी दया कभी नहीं टूटती।
जो भी सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, उसकी लाज वे हमेशा रख लेते हैं। दुख के अंधेरे में भी उनकी कृपा रोशनी बनकर आती है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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