सर्वेश्वरी जगदीश्वरी हे मातृ रूप महेश्वरी भजन

Sarveshvari Jagdishwari Jagjit Singh Bhajan Mata Bhajan

 
सर्वेश्वरी जगदीश्वरी, हे मातृ रूप महेश्वरी, लिरिक्स जगजीत सिंह Sarveshvari Jagdishwari Lyrics Jagjit Singh Bhajan Mata Bhajan

सर्वेश्वरी जगदीश्वरी, हे मातृ रूप महेश्वरी,
ममतामयी करूणामयी, हे मातृ रूप महेश्वरी ।

जगजीवनी संजीवनी, समस्त जीवनेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।

कृपालीनी जगतारीणी, प्रतिपल भुवन हृदयेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।

तमहारीणी शुभकारीणी, मनमोहनी विश्वेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।
सर्वेश्वरी जगदीश्वरी, हे मातृ रूप महेश्वरी,
ममतामयी करूणामयी, हे मातृ रूप महेश्वरी ।

जगजीवनी संजीवनी, समस्त जीवनेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।

कृपालीनी जगतारीणी, प्रतिपल भुवन हृदयेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।

तमहारीणी शुभकारीणी, मनमोहनी विश्वेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।
 

Sarveshwari Jagdishwari He Maat Roop Maheshwari

Sarveshwari Jagdishwari He Maat Roop Maheshwari · 
Singer : Jagjit Singh
Maa - Jagjit Singh
℗ 2020 Saregama India Ltd
Released on: 1993-01-06
Producer: N/a
Composer: Jagjit Singh
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माँ महेश्वरी की यह स्तुति उनके सर्वव्यापी, करुणामयी और मातृस्वरूप की महिमा का गान करती है, जो सृष्टि की रचयिता, पालिका और संहारिणी के रूप में पूजनीय है। वह सर्वेश्वरी और जगदीश्वरी हैं, जिनके चरणों में समस्त विश्व नतमस्तक है। उनकी ममता और करुणा का सागर भक्तों के हृदय को प्रेम और शांति से भर देता है। माँ का यह स्वरूप न केवल सृष्टि को जीवन देने वाला है, बल्कि वह संजीवनी शक्ति के समान है, जो प्रत्येक प्राणी के भीतर जीवन का संचार करती है। भक्त इस मातृ रूप के सामने अपनी समस्त चिंताओं और कष्टों को अर्पित करता है, यह विश्वास रखते हुए कि माँ की कृपा से हर दुख का अंत और हर मनोकामना की पूर्ति संभव है। यह भक्ति एक ऐसी शक्ति का आह्वान है, जो सृष्टि के प्रत्येक कण में व्याप्त है और भक्त के जीवन को प्रकाशित करती है।

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