वर दे वीणावादिनि वर दे प्रिय सरस्वती माता भजन

वर दे वीणावादिनि वर दे प्रिय सरस्वती माता भजन

 
वर दे वीणावादिनि वर दे भजन लिरिक्स Var De Veena Vadini Bhajan Lyrics

वर दे, वीणावादिनि वर दे,
प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव
भारत में भर दे,

काट अंध-उर के बंधन-स्तर,
बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर,
कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर,
जगमग जग कर दे,
वर दे, वीणावादिनि वर दे,
प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव
भारत में भर दे

नव गति, नव लय, ताल-छंद नव
नवल कंठ, नव जलद-मन्द्ररव,
नव नभ के नव विहग-वृंद को,
नव पर, नव स्वर दे,
वर दे, वीणावादिनि वर दे,
वर दे, वीणावादिनि वर दे,
प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव
भारत में भर दे




SARASWATI VANDANA
var de, veenaavaadini var de,
priy svatantr-rav amrt-mantr nav
bhaarat mein bhar de,

वर दे, वीणावादिनी वर दे!
प्रिय स्वतंत्र- रव अमृत-मंत्र नव
भारत में भर दे!
Meaning: हे माँ सरस्वती! हमें वरदान दीजिये। हे माँ! हम सबमें नव ज्ञान रूपी अमृत-मंत्र भर दीजिये। काट अंध्-उर के बंधन-स्तर

बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर
कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर
जगमग जग कर दे!
Meaning: हे माँ सरस्वती! हमारे हृदय में स्थित अंधकार की जगह प्रकाश भरकर इसे जगमग कर दीजिये।
हे माँ सरस्वती! देश में प्रकाश की ऐसी धारा बहा दीजिये,
जो सारी बुराइयों, पापों का नाश करने वाली हो।
नव गति, नव लय, ताल-छंद नव नवल कंठ, नव जलद-मन्द्र रव
नव नभ के नव विहग-वृंद को
नव पर, नव स्वर दे!
Meaning: हे माँ सरस्वती! देश की जड़ता भंग कर और देश में नयी गति, नया लय, नया ताल, नया स्वर दीजिये।
पृथ्वी को नयी गति दीजिये,
आकाश में विचरण करने वाले पक्षियों को नया स्वर दीजिये।
वर दे, वीणावादिनी वर दे।
Meaning: हे माँ सरस्वती! हमें वरदान दीजिये। यह सरस्वती वंदना महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा रचित है.
सरस्वती वंदना -वीणा वादनी वर दे |
वर दे, वीणावादिनि वर दे।
प्रिय स्वतंत्र रव,
अमृत मंत्र नव भारत में भर दे।
काट अंध उर के बंधन
स्तर बहा जननि ज्योतिर्मय
निर्झर कलुष भेद तम
हर प्रकाश भर जगमग जग कर दे।
नव गति नव लय ताल छंद नव नवल
कंठ नव जलद मन्द्र रव नव नभ के
नव विहग वृंद को, नव पर नव स्वर दे।

वर दे वीणा वादिनी वर दे :माँ सरस्वती वंदना : बसंत पंचमी विशेष : Var De Veena Vadini Var De

Title: Var De Veena Vadini Var De
Singer: Sohini Mishra
Lyrics: Traditional
Music Director: Sohini Mishra
Edit & Gfx : Mind Pro
Music Label: Music Nova

जिस चेतना में मन निर्मलता, प्रेम और ज्ञान का आलोक खोजता है, उसमें स्त्री शक्ति के अलग-अलग रूप हमें सूत्र देती हैं—सरस्वती के माध्यम से विचारों में निर्मलता, वाणी में मधुरता और बुद्धि में परिपक्वता आती है। महालक्ष्मी के प्रताप से जीवन में समृद्धि, संतुलन और कृतार्थता का भाव प्रवाहित होता है, जिससे सांसारिक सुख-सुविधाएँ भी धर्म और विवेक के मार्ग पर बाधा नहीं बनतीं। महाकाली का प्रभाव जीवन की रुकावटों, भय और नकारात्मकता को भस्म करने वाला है—उनका संरक्षण साहस और आत्मविश्वास का स्तंभ बन जाता है।

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