कुछ पल तो निकालो दादी के दरबार
कुछ पल तो निकालो दादी के दरबार के लिए भजन
ये जिंदगी मिली है, दिन चार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
साँसों का क्या है भरोसा, ना जाने कब छूट जाए,
जीवन की डोरी कच्ची, ना जाने कब टूट जाए,
कुछ धन तो कम लो भक्तों, उस पार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
तूने पाई पाई जोड़ी, कोई कमी नहीं है छोड़ी,
पर संग में सुन ले तेरे, ना जाए फूटी कौड़ी,
अब तक तो जीते आए, हो परिवार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
ये जिंदगी मिली है, दिन चार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
साँसों का क्या है भरोसा, ना जाने कब छूट जाए,
जीवन की डोरी कच्ची, ना जाने कब टूट जाए,
कुछ धन तो कम लो भक्तों, उस पार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
तूने पाई पाई जोड़ी, कोई कमी नहीं है छोड़ी,
पर संग में सुन ले तेरे, ना जाए फूटी कौड़ी,
अब तक तो जीते आए, हो परिवार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
ये जिंदगी मिली है, दिन चार के लिए,
कुछ पल तो निकालो, दादी के दरबार के लिए,
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Singer - Ujjwal Khakoliya
Music - Dipankar Saha
