भोले तेरी याद सता रही है भजन
कर भोले कमाल सावन की रुत जा रही है,
हमको आना नीलकंठ तेरी याद सता रही है,
भोले तेरी याद सता रही है,
हमको बड़ा रुला रही है,
हरिद्वार से भोले तेरी कावड ले के आता था,
नीलकंठ मैं नंगे नंगे पाँव चढ़ जाता था,
कब होगा सब पहले जैसा, मन में आ रही है,
हमको आना नीलकंठ तेरी याद सता रही है,
भोले तेरी याद सता रही है,
हमको बड़ा रुला रही है,
हर साल ही आता मैं, भोले तेरे दर दर्शन को,
इस बार ना आ पाऊँ, बाबा तेरे दर्शन को,
इसी बात की चिंता मुझको पल पल खा रही है,
हमको आना नीलकंठ तेरी याद सता रही है,
भोले तेरी याद सता रही है,
हमको बड़ा रुला रही है,
भोलेनाथ कृपा करो दर्द सहा नहीं जाएगा,
टोनी तेरे दर्शन बिन सावन में नहीं रह पायेगा,
बम बम की वो जैकार, कानों में आ रही है,
हमको आना नीलकंठ तेरी याद सता रही है,
भोले तेरी याद सता रही है,
हमको बड़ा रुला रही है,
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#काशी के भोलेनाथ मने थारी याद सतावे है #Pandit Pradeep Ji Mishra Sehore Wale
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