आई जगराते की रात मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी भजन
(मुखड़ा)
ओढ़ के नाचूंगी,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी,
आई जगराते की रात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी।।
(अंतरा)
कलश धराया है अंगने में,
चौक पुराया है,
मेरी माँ का है नवरात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी,
आई जगराते की रात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी।।
लाल चुनरिया लाई हूँ,
पंडाल सजाया है,
भक्ति में किया करामात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी,
आई जगराते की रात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी।।
लाज का बंधन तोड़ दिया,
ममता की छाँव में,
हुई खुशियों की बरसात,
मैं घूँघट ओढ़ के नाचूंगी,
आई जगराते की रात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी।।
(पुनरावृत्ति)
ओढ़ के नाचूंगी,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी,
आई जगराते की रात,
मैं चुनर ओढ़ के नाचूंगी।।
माता भजन - आई जगराते की रात | Dimpal Bhumi Bhajan | Maiya Bhajan | Devi Bhajan | Mata Bhajan Song
Song: Aayi Jagrate Ki Raat
Singer: Dimpal Bhumi
Lyrics: Kuldeep Pandey Mayank
Music: Lovely Sharma