कान्हाँ प्रेम की डोर से, मोहे खींच जोर से भजन
कान्हाँ प्रेम की डोर से, मोहे खींच जोर से, तेरे नैनों ने मुझपे जादू किया,
तुमसे है वादा हाँ, बिन तेरे राधा, ये श्याम है आधा ओ राधिका,
राधा ना होती वृद्धावनना होता, तो कैसे हम रास रचाते,
राधा की पायल ना बजती तो बोलो ऊँगली पर किसको नचाते,
कान्हाँ कैसा ये कमाल है, हुआ हाल बेहाल,
तेरे शृंगार ने मुझको पागल किया,
तुमसे है वादा हाँ, बिन तेरे राधा, ये श्याम है आधा ओ राधिका,
राधा न होती तो कुञ्ज गली भी, ऐसी निराली ना होती,
राधे के नाम से महके हैं उपवन हरयाली ऐसी ना होती,
कान्हाँ तेरी मुस्कान ने, प्यारी बंसी की तान,
उसकी बांकी अदाओ ने घायल किया,
तुमसे है वादा हाँ, बिन तेरे राधा, ये श्याम है आधा ओ राधिका,
राधा ना होती ये सावन ना होता तो फिर किसको झूला झुलाते,
अमित गगन बैठे चरणों में तेरे तो भजनो से किसको रिजाते,
कान्हाँ घुंघराले बाल, तेरी टेडी मेढ़ी चाल,
मैंने मोहन को तन मन ये अर्पण किया,
तुमसे है वादा हाँ, बिन तेरे राधा, ये श्याम है आधा ओ राधिका,
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Song :- Kanha Prem Ki Dor
Singer - Gagandeep Singh 9918088621, Urmila Raj
Lyrics - Amit Faijabadi, Kabir
Music - Gulshan Sonotek Music Studio
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