कबसे तेरी राह निहारे बैठा मैया दास तेरा भजन
कबसे तेरी राह निहारे बैठा मैया दास तेरा भजन
(मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 1)
अखियां कबसे तरस रही हैं,
मैया जी दीदार को।
जल्दी आओ मेहरावाली,
तड़प रहा तेरे प्यार को।
इस दुनिया में तेरे सिवा ना,
मैया कोई ख़ास मेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 2)
रिश्ते-नाते बंधन सारे,
आज हुए हैं पराए माँ।
दुःख की आँधी सता रही है,
ग़म के बादल छाए माँ।
कृपा कर दो अब तो मैया,
घुटने लगा है श्वास मेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 3)
भक्तों के तू काज सँवारे,
बिगड़े काम बनाती है।
भटके को तू पास बुलाए,
बिछड़े को मिलवाती है।
शेरोवाली मैया अब तो,
करता हूँ गुणगान तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 4 – समर्पण शेर)
जगजननी है जोतावाली,
अर्ज़ी पे माँ विचार करो।
दर्शन दो हे ज्वाला माता,
‘शर्मा’ पे उपकार करो।
आठों पहर हे अष्टभुजी,
रहे हृदय में निवास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतिम पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 1)
अखियां कबसे तरस रही हैं,
मैया जी दीदार को।
जल्दी आओ मेहरावाली,
तड़प रहा तेरे प्यार को।
इस दुनिया में तेरे सिवा ना,
मैया कोई ख़ास मेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 2)
रिश्ते-नाते बंधन सारे,
आज हुए हैं पराए माँ।
दुःख की आँधी सता रही है,
ग़म के बादल छाए माँ।
कृपा कर दो अब तो मैया,
घुटने लगा है श्वास मेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 3)
भक्तों के तू काज सँवारे,
बिगड़े काम बनाती है।
भटके को तू पास बुलाए,
बिछड़े को मिलवाती है।
शेरोवाली मैया अब तो,
करता हूँ गुणगान तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतरा 4 – समर्पण शेर)
जगजननी है जोतावाली,
अर्ज़ी पे माँ विचार करो।
दर्शन दो हे ज्वाला माता,
‘शर्मा’ पे उपकार करो।
आठों पहर हे अष्टभुजी,
रहे हृदय में निवास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
(अंतिम पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
कबसे तेरी राह निहारे,
बैठा मैया दास तेरा।
दर्शन दो माँ शेरावाली,
टूटे ना विश्वास मेरा,
टूटे ना विश्वास मेरा।।
Matarani Bhajan | कबसे तेरी राह निहारें थक गए मेरे नैना | Kabse Teri Raah Niharein | Mukesh Bagda
Song: Kabse Teri RAah Niharein
Singer: Mukesh Bagda
Music: Ravi Kumar
Writer: Sanjay Chauhan