दुनिया दीवानी हो गई माता भजन

दुनिया दीवानी हो गई माता भजन

(मुखड़ा)
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।
जय माता दी रटते-रटते,
मीठी वाणी हो गई।
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।।

(अंतरा 1)
रूप हज़ारों तेरे माता,
सभी रूप हैं प्यारे।
मार भगाया माँ असुरों को,
बली दैत्य संघारे।
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।।

(अंतरा 2)
कोई चढ़ावे ध्वजा नारियल,
कोई लाल चुनरिया।
निर्धन हो या धनवान सभी पे,
करती माई नजरिया।
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।।

(अंतरा 3)
घमंड किया था जब अकबर ने,
उसका घमंड मिटाया।
आकर के दरबार में माँ के,
सोने का छतर चढ़ाया।
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।।

(अंतरा 4)
जबसे तेरी सुनी कहानी,
मन को चैन न आवे।
दीवाना हो गया ‘तिवारी’,
दर्श तेरे कब पावे।
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।।

(पुनरावृत्ति - समापन)
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।
जय माता दी रटते-रटते,
मीठी वाणी हो गई।
दुनिया दीवानी हो गई,
दुनिया दीवानी हो गई।।
 


Duniya Deewani Ho Gai [Full Song] I Duniya Deewani Maa Ki

Devi Bhajan: Duniya Deewani Ho Gai
Album: Duniya Deewani Maa Ki
Singer: Pawan Tiwari
Composer: Pawan Tiwari
Author: Ashok Sheopuri
Music Label: T-Series 

इस भजन में माँ की महिमा और भक्ति की वह मस्ती है, जो दुनिया को दीवाना बना देती है। "जय माता दी" का जप मन को ऐसी मिठास देता है, जैसे कोई प्यासा अमृत पी ले। माँ के असंख्य रूप, चाहे वह दैत्यों का संहार करने वाली शक्ति हो या भक्तों पर कृपा बरसाने वाली ममता, हर रूप में अनुपम है।

कोई नारियल चढ़ाए, कोई चुनरी, पर माँ की नजर निर्धन-धनवान सब पर समान है, जैसे सूरज सबको एक-सा प्रकाश देता है। अकबर का घमंड टूटा, जब माँ के दरबार में वह नतमस्तक हुआ—यह माँ की वह शक्ति है, जो अहंकार को चूर कर देती है। सत्य का मार्ग यही है कि माँ की भक्ति में डूबकर मन की सारी बेचैनी मिट जाती है।

चिंतन का स्वर है कि माँ की कहानी सुनते ही मन बेकल हो उठता है, जैसे कोई दीया हवा में भी जलने को आतुर हो। यह दीवानगी वह प्रेम है, जो भक्त को माँ के दर्शन की प्यास में तड़पाता है, पर उसी तड़प में सच्चा सुख है।

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