गुरुसा मारो अबकोडो जन्म सुधारो भजन

गुरुसा मारो अबकोडो जन्म सुधारो भजन


सतगुरु दीवो नाम रो,
तो क्या जाने संसार।
घृत सिंचावो प्रेम रो,
वीरा उतारो भवजल पार।

कोण भुलला गुण थारो ओ,
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।

लख चौरासी में घणो दुःख देखियो,
धर धर पशु अवतारो।
धूप छांव में तो छही घनेरी,
ओ दुख परो रे निवारो।
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।
कोण भुलला गुण थारो ओ,
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।

गुरु बिन सहाय करे कौन जीवरी,
तीर्थ फिरो हजारो।
वैकुंठ सूं पासा भेजिया,
नारद सुखदेव प्यारो।
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।
कोण भुलला गुण थारो ओ,
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।

गुरु बिन ज्ञान ध्यान सब झूठो,
झूठो जी जग संसारो।
पति बिन नार कैसो पद पावे,
कैसे विधवा रो सिंगारो।
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।
कोण भुलला गुण थारो ओ,
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।

राम मिलन री राह बतावो,
मेटो भ्रम अंधेरो।
आप गुरुसा म्हारा पर उपकारी,
अवगुण परो रे निवारो।
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।
कोण भुलला गुण थारो ओ,
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।

बार-बार म्हारी आई विनती,
वैगी सुनो जी पुकारो।
दास केवल पर कृपा कीजो,
सर पर पंजो रालो।
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।
कोण भुलला गुण थारो ओ,
गुरुसा मारो अबकोड़ो जन्म सुधारो।


गुरुसा म्हारो अब के जनम सुधारो ( महेंद्र सिंह राठौड़ )

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

❖ Singer : Chotu Singh Rawna 
❖ Lyrics :traditional 
❖ Music & Mix Master : Parmen @ Arrow Music
❖ Music Keys : Ajay Rajasthani & team
❖ Dop/ Editor : Dharmveer Singh Nandra
❖ VFX : Swar Swaroopa Music Production
❖ Publicity Manegment : Dharmveer Singh Nandra
❖ Sub Category : Treditional Bhajan
 
सच्चा गुरु जब नाम का दीया जलाता है, तो दुनिया की सारी माया समझ आ जाती है। प्रेम का घी डालकर वो दीया जलता रहता है, और आत्मा भवसागर से पार उतर जाती है। लाखों जन्मों में जो दुख झेले, पशु-पक्षी के रूप में धरती पर घूमे, धूप-छांव में तड़पे, वो सब एक जन्म में सुधर जाते हैं। गुरु के गुण इतने अनमोल हैं कि उन्हें भूलना नामुमकिन हो जाता है। वो सहारा देते हैं, जहां कोई नहीं मिलता। तीर्थों में हजारों बार घूमने से भी वो शांति नहीं मिलती, जो गुरु एक बार नाम देकर दे देते हैं।

गुरु बिना ज्ञान, ध्यान, सब खोखला लगता है, जैसे पति बिना औरत का सिंगार बेकार। संसार का हर खेल झूठा सा दिखता है। गुरु राम मिलन की राह दिखाते हैं, अंधेरा मिटाते हैं, अवगुणों को दूर कर देते हैं। बार-बार विनती करने पर वो सुनते हैं, कृपा बरसाते हैं, सिर पर हाथ फेरते हैं। इस जन्म को सुधारकर वो मुक्ति की ओर ले जाते हैं। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। 
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post