हरिओम नमः शिवाय संजय मित्तल
हरिओम नमः शिवाय संजय मित्तल शिव भजन
हरिओम नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
मेरी टेर सुनो त्रिपुरारी,
अब तो लो ख़बर हमारी,
तेरे द्वार पे हम है आएँ,
तेरे द्वार पे हम है आये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
तेरी जटा में गंग बिराजै,
माथे पे चँदा साजे,
और डम डम डमरुँ बजाये,
और डम डम डमरू बजाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
तेरी लीला सबसे न्यारीं,
जिसे जाने दुनीयाँ सारी,
तेरी महिमा वर्णी ना जाये,
तेरी महिमा वर्णी ना जाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
बाबा अंग विभूति रमाएँ,
नित भांग धतूरा खाये,
श्री राम का ध्यान लगाये,
श्री राम का ध्यान लगाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
ये पवन तेरा गुण गाए,
तेरे चरणों में शीश नवाये,
गुणगान करे चित्त लाये,
गुणगान करे चित लाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय,
हरिओम नमह शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
मेरी टेर सुनो त्रिपुरारी,
अब तो लो ख़बर हमारी,
तेरे द्वार पे हम है आएँ,
तेरे द्वार पे हम है आये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
तेरी जटा में गंग बिराजै,
माथे पे चँदा साजे,
और डम डम डमरुँ बजाये,
और डम डम डमरू बजाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
तेरी लीला सबसे न्यारीं,
जिसे जाने दुनीयाँ सारी,
तेरी महिमा वर्णी ना जाये,
तेरी महिमा वर्णी ना जाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
बाबा अंग विभूति रमाएँ,
नित भांग धतूरा खाये,
श्री राम का ध्यान लगाये,
श्री राम का ध्यान लगाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय।।
ये पवन तेरा गुण गाए,
तेरे चरणों में शीश नवाये,
गुणगान करे चित्त लाये,
गुणगान करे चित लाये,
हरि ॐ नमः शिवाय,
हरि ॐ नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरिओम नमः शिवाय,
हरिओम नमह शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
ओम नमः शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
हरि ओम नमः शिवाय,
Hari Om Namah Shivay || New Shiv Bhajan || Devotional || Sanjay Mittal #Saawariya
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Lyrics in Hinglish
Hari Om Namah Shivay,
Hari Om Namah Shivay,
Om Namah Shivay,
Om Namah Shivay,
Hari Om Namah Shivay,
Hari Om Namah Shivay.
Hari Om Namah Shivay,
Om Namah Shivay,
Om Namah Shivay,
Hari Om Namah Shivay,
Hari Om Namah Shivay.
शिव की वंदना करते हुए मन जैसे अपने भीतर एक गूंज महसूस करता है — हर श्वास में ‘ॐ नमः शिवाय’ की ध्वनि रम जाए, तो भीतर का भार हल्का होने लगता है। त्रिपुरारी भोलेनाथ, जिनकी जटाओं में पवित्र गंगा विराजती हैं, जिनका मस्तक चाँद के सौम्य आलोक से प्रकाशित रहता है, और जिनकी डमरू की ध्वनि सम्पूर्ण सृष्टि में जीवन का रस घोलती है — उनके द्वार पर खड़ा इंसान अपने मन की बात अत्यंत सरलता से कह जाता है। कोई धन, वैभव या नाम लिए बिना बस थोड़ी-सी आस लिए उनके शिवालय तक पहुँचता है, उम्मीद रहती है कि वे सुनेंगे; दिल की पुकार अनसुनी नहीं जाएगी।
एक ओर उनके रंग-ढंग सबसे अनूठे हैं — भस्म से शरीर को अलंकृत किए, नशे-सी मस्ती में भांग-धतूरा स्वीकारते हैं, किंतु अंतस में श्रीराम का स्मरण अनवरत बहता रहता है। यह रूप बड़ा ही गहन संकेत देता है कि संसार के सारे आडंबरों के बीच असली अमृत सच्ची साधना में है, भक्ति की निश्चलता में है। सारी दुनिया जिनकी महिमा गा भी नहीं सकती, उनके गुणों को मन बार-बार अपनी भाषा में दुहराना चाहता है। समर्पण का यह भाव वायु की तरह, नदी की तरह हर दिशा में बहता रहता है — हर दिल उनकी स्मृति में सिर झुकाना चाहता है, और यही बात मन को एक अनोखी शांति से भर देती है।
एक ओर उनके रंग-ढंग सबसे अनूठे हैं — भस्म से शरीर को अलंकृत किए, नशे-सी मस्ती में भांग-धतूरा स्वीकारते हैं, किंतु अंतस में श्रीराम का स्मरण अनवरत बहता रहता है। यह रूप बड़ा ही गहन संकेत देता है कि संसार के सारे आडंबरों के बीच असली अमृत सच्ची साधना में है, भक्ति की निश्चलता में है। सारी दुनिया जिनकी महिमा गा भी नहीं सकती, उनके गुणों को मन बार-बार अपनी भाषा में दुहराना चाहता है। समर्पण का यह भाव वायु की तरह, नदी की तरह हर दिशा में बहता रहता है — हर दिल उनकी स्मृति में सिर झुकाना चाहता है, और यही बात मन को एक अनोखी शांति से भर देती है।
Album : Aunkar
Song : Hari Om Namah Shivay
Singer : Sanjay Mittal
Music - BIJENDER SINGH (CHAUHAN)
Parent Label(Publisher) - Shubham Audio Video Private Limited.
Copyright: Saawariya
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Singer : Sanjay Mittal
Music - BIJENDER SINGH (CHAUHAN)
Parent Label(Publisher) - Shubham Audio Video Private Limited.
Copyright: Saawariya
- मेरी गौरा सुनले भंगिया बिन टूटे मेरा अंग
- इमेल भी भेजी स्नैप भी भेजी
- भोले Bhole Bhajan Hansraj Raghuwanshi
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Author - Saroj Jangir
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