मेरी मैया तेरे दरबार ये दीवाने आए है भजन

मेरी मैया तेरे दरबार ये दीवाने आए है भजन

(मुखड़ा)
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं,
भक्ति में तेरी डूब के ये,
भक्ति में तेरी डूब के ये,
मस्ताने आए हैं,
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं।।

(अंतरा)
सारे जग में तेरा बोलबाला,
तेरा दरबार है सबसे आला,
जो भी आए माँ, दर पे सवाली,
उसकी झोली भरी तूने खाली।
माँ, श्रद्धा सुमन की भेंट तुम्हें,
चढ़ाने आए हैं,
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं।।

तू ही करुणा का सागर भवानी,
नहीं तुझसा बड़ा कोई दानी,
तेरी भक्ति में शक्ति समानी,
जाए महिमा न तेरी बखानी।
तेरे चरणों में अपना शीश,
ये माँ झुकाने आए हैं,
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं।।

आओ मिल जगराता मनाएं,
झूमें भक्ति में, नाचें-गाएं,
ढोल जम के बजा मेरे ढोली,
माँ के भक्तों की निकली है टोली।
माँ, तेरे नाम की लाल ध्वजा,
लहराने आए हैं,
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं।।

(अंतिम पुनरावृत्ति)
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं,
भक्ति में तेरी डूब के ये,
भक्ति में तेरी डूब के ये,
मस्ताने आए हैं,
मेरी मैया, तेरे दरबार ये,
दीवाने आए हैं।।
 

Maiya Tere Darbar Ye Diwane Aaye Hai - Shahnaz Akhtar 07089042601 - Devi Bhajan - Goddess Durga
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