हे राधा रानी हे श्यामा रानी भजन
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
कर दो इतनी मेहरबानी,
तेरे ही गुण गाते, तेरे भजन गाते,
बीते जिंदगानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
ऐसी सुबह ना कोई शाम आए,
होठों पे जब ना तेरा नाम आए,
तुमसे शुरु ख़तम तुम्ही पे कहानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
तुमसे जो लगी लौ, कभी वो बुझे ना,
भूलूँ कभी भूल से भी तुझे ना,
दुःख हो या सुख की, घडी सुहानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
तेरे सिवा ना मुझे कुछ भी भाए,
देखूँ जहाँ भी नजर तू ही आएं,
रंग दो ऐसे रंग में, मुझको महारानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
मुझको शरण में, लगा लो किशोरी,
चरणों का सेवक बना लो किशोरी,
कर दो आस पूरी, लाडो जनमों पुरानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
तेरे ही गुण गाते, तेरे भजन गाते,
बीते जिंदगानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
कर दो इतनी मेहरबानी,
तेरे ही गुण गाते, तेरे भजन गाते,
बीते जिंदगानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
ऐसी सुबह ना कोई शाम आए,
होठों पे जब ना तेरा नाम आए,
तुमसे शुरु ख़तम तुम्ही पे कहानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
तुमसे जो लगी लौ, कभी वो बुझे ना,
भूलूँ कभी भूल से भी तुझे ना,
दुःख हो या सुख की, घडी सुहानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
तेरे सिवा ना मुझे कुछ भी भाए,
देखूँ जहाँ भी नजर तू ही आएं,
रंग दो ऐसे रंग में, मुझको महारानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
मुझको शरण में, लगा लो किशोरी,
चरणों का सेवक बना लो किशोरी,
कर दो आस पूरी, लाडो जनमों पुरानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
तेरे ही गुण गाते, तेरे भजन गाते,
बीते जिंदगानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी,
हे राधा रानी, हे श्यामा रानी।
श्री राधा-कृष्ण जी का अनमोल भजन " हे राधा रानी हे श्यामा रानी " मन प्रसन्ना होगा यह भजन सुनके
He Raadha Raanee, He Shyaama Raanee,
Kar Do Itanee Meharabaanee,
Tere Hee Gun Gaate, Tere Bhajan Gaate,
Beete Jindagaanee,
He Raadha Raanee, He Shyaama Raanee,
He Raadha Raanee, He Shyaama Raanee.
राधारानी की कृपा की याचना ऐसी है, जैसे कोई प्यासा बारिश की बूंदों को तरसता हो। भक्त की कामना है कि उसका जीवन उनके गुणगान और भजन में बीते, जैसे नदी अपने प्रवाह में सदा समंदर की ओर बहती है।
राधारानी का नाम ही जीवन का आधार है। भक्त चाहता है कि हर सुबह और शाम उनके नाम से शुरू हो और खत्म हो, जैसे सूरज और चाँद समय को सजाते हैं। उनकी भक्ति की लौ कभी बुझने न पाए, और मन कभी भूल से भी उनसे दूर न हो। सुख हो या दुख, हर घड़ी में राधारानी की याद ही सुहानी है।
भक्त की नजर जहाँ जाती है, वहाँ राधारानी का रूप नजर आता है, जैसे हर फूल में बसंत की सुगंध बसी हो। वह उनके रंग में रंग जाना चाहता है, ताकि मन और आत्मा उनके प्रेम में डूब जाएँ। उनकी शरण में रहने की पुकार है, जैसे कोई थका यात्री आश्रय माँगता हो।
यह भजन भी देखिये
भोली भाली राधा रानी
राधे कौन से पुण्य किये तुमने
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
