नजर कर्म तुझपर भी साई कर देंगे नादान
नजर कर्म तुझपर भी साई कर देंगे नादान
नज़र-ए-कर्म तुझ पर भी साईं कर देंगे नादान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
दर-दर भटक रहा क्यों तू, सीधा मंज़िल पाए,
साईं के चरणों में आकर, अपना शीश झुकाए।
जीवन की हर मुश्किल साईं कर देंगे आसान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
साईं चरणों के अमृत को आज मुख से लगा ले,
जन्म-मरण की मुक्ति को तू आज इसी पल पा ले।
बैठ के साईं के चरणों में, ले ले साईं ज्ञान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
किसको अपना कहता जग में, झूठे सब नाते हैं,
इक न इक दिन तो दुनिया में, सारे बिछड़ जाते हैं।
छोड़ दे शर्मां रिश्तों को, सब झूठा ये अभिमान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
दर-दर भटक रहा क्यों तू, सीधा मंज़िल पाए,
साईं के चरणों में आकर, अपना शीश झुकाए।
जीवन की हर मुश्किल साईं कर देंगे आसान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
साईं चरणों के अमृत को आज मुख से लगा ले,
जन्म-मरण की मुक्ति को तू आज इसी पल पा ले।
बैठ के साईं के चरणों में, ले ले साईं ज्ञान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
किसको अपना कहता जग में, झूठे सब नाते हैं,
इक न इक दिन तो दुनिया में, सारे बिछड़ जाते हैं।
छोड़ दे शर्मां रिश्तों को, सब झूठा ये अभिमान,
इक बार तो साईं रूप को मन से ज़रा पहचान।
बोलो साईं राम, बोलो साईं राम, जय जय साईं राम।।
साईं जी ने बुरे वक्त में किया कमाल - New Sai Baba Bhajan 2020 - Sai Ji Ke Bhajan - Sai Baba Songs
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Song Name: Nazre Karam Sai Per
Singer: पंकज श्रीवास्तव
Lyrics - Anil Sharma
Singer: पंकज श्रीवास्तव
Lyrics - Anil Sharma
साईं की कृपा और उनके रूप को पहचानने का भाव भक्त के हृदय को एक ऐसी जागृति और प्रेम से भर देता है, जो उसे सांसारिक भटकन और झूठे अभिमान से मुक्त कर प्रभु की शरण में ले जाता है। यह भाव उस गहरे विश्वास को दर्शाता है कि साईं का नाम जपने और उनके चरणों में शीश झुकाने से जीवन की हर मुश्किल आसान हो जाती है। साईं की रहम नजर नादान मन को भी सत्य और प्रेम की ओर ले जाती है, और उनकी भक्ति में डूबा भक्त उनके अमृतमय चरणों का स्पर्श पाकर जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
साईं की शरण और उनका प्रेम भक्त को सांसारिक रिश्तों और झूठे नातों की माया से ऊपर उठने की प्रेरणा देता है। यह भाव उस अटल विश्वास को व्यक्त करता है कि दुनिया के सारे रिश्ते एक दिन बिछड़ जाते हैं, और सच्चा साथ केवल साईं का है, जो कभी नहीं छूटता। साईं के चरणों में बैठकर भक्त सत्य का ज्ञान पाता है और मन से उनके रूप को पहचानकर सारे अभिमान को त्याग देता है।
साईं की शरण और उनका प्रेम भक्त को सांसारिक रिश्तों और झूठे नातों की माया से ऊपर उठने की प्रेरणा देता है। यह भाव उस अटल विश्वास को व्यक्त करता है कि दुनिया के सारे रिश्ते एक दिन बिछड़ जाते हैं, और सच्चा साथ केवल साईं का है, जो कभी नहीं छूटता। साईं के चरणों में बैठकर भक्त सत्य का ज्ञान पाता है और मन से उनके रूप को पहचानकर सारे अभिमान को त्याग देता है।
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Author - Saroj Jangir
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