मेरे साईं राम मेरे साईं श्याम साईं भजन
मेरे साईं राम मेरे साईं श्याम साईं भजन
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
मैं हर पल तेरा ध्यान करूँ,
तेरे नाम की माला मैं सिमरूँ।
मेरे मौला हो मुझ पर असर —
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
तेरा हाथ सदा सिर पे रखना,
ऐ साईं! सदा मेरे संग रहना।
तेरे दम पे रौशन शाम-ओ-शहर —
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
मैं जग में बना अनाम फिरूं,
बस तेरी दया से नाम करूँ।
मैं छोड़ तेरा दर जाऊँ किधर?
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर...
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
मैं हर पल तेरा ध्यान करूँ,
तेरे नाम की माला मैं सिमरूँ।
मेरे मौला हो मुझ पर असर —
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
तेरा हाथ सदा सिर पे रखना,
ऐ साईं! सदा मेरे संग रहना।
तेरे दम पे रौशन शाम-ओ-शहर —
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर।
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
मैं जग में बना अनाम फिरूं,
बस तेरी दया से नाम करूँ।
मैं छोड़ तेरा दर जाऊँ किधर?
मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम...
ऐ साईं मेरे, तेरे नूर-ए-नज़र,
पड़ते ही बिगड़ी जाए सँवर...
ऐ साँई मेरे | Ae Sai Mere | Avinash Dhanwal | Sufi Sai Bhajan 2020 | Rathore Cassettes
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प्रभु की कृपा का वह नूर भक्त के जीवन को एक ऐसी रोशनी से भर देता है, जो हर बिगड़ी बात को संवार देती है। यह उनकी दया की वह नजर है, जो भक्त के हृदय में श्रद्धा और प्रेम की ज्योति प्रज्वलित करती है, और उसे हर पल उनके नाम के स्मरण में डुबो देती है। भक्त का मन जब उनकी माला जपता है, तब वह प्रभु की कृपा के असर को अपने भीतर महसूस करता है, जो उसके जीवन को शांति और संतुष्टि से भर देता है।
प्रभु का साथ भक्त के लिए वह अटूट सहारा है, जो हर परिस्थिति में उसके सिर पर हाथ रखता है। उनकी कृपा की रोशनी से न केवल भक्त का जीवन, बल्कि उसका पूरा आसपास उज्ज्वल हो जाता है। वह प्रभु की दया से ही अपने जीवन को सार्थक और सम्मानित बनाता है, और यह अनुभव करता है कि उनके बिना उसका कोई और ठिकाना नहीं।
प्रभु का साथ भक्त के लिए वह अटूट सहारा है, जो हर परिस्थिति में उसके सिर पर हाथ रखता है। उनकी कृपा की रोशनी से न केवल भक्त का जीवन, बल्कि उसका पूरा आसपास उज्ज्वल हो जाता है। वह प्रभु की दया से ही अपने जीवन को सार्थक और सम्मानित बनाता है, और यह अनुभव करता है कि उनके बिना उसका कोई और ठिकाना नहीं।
Title Song :- Ae Sai Mere
Singer :- Avinash Dhanwal
Lyrics :- Jitender Kumar Pathak Anam
Music :- Sunny Sharma
Singer :- Avinash Dhanwal
Lyrics :- Jitender Kumar Pathak Anam
Music :- Sunny Sharma
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Author - Saroj Jangir
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