कब तक रहेगा रूठा बाबा
मेरे श्याम, बाबा श्याम,
कब तक रहेगा रूठा, बाबा,
कब तू बोलेगा,
मंदिर के पट साँवरिया,
कब तू खोलेगा,
कब तू खोलेगा,
पट कब तू खोलेगा,
तेरे होते हमें फ़िकर,
बिमारी महामारी से,
द्वापर से कलयुग तक काँपे,
तीन बाण के धारी से,
मन में है विश्वास हमारे,
वो विश्वास ना डौलेगा,
मंदिर के पट साँवरिया,
कब तू खोलेगा।
हर फागण में आते हैं हम,
होली खेलने को,
तेरी कृपा की बरसाते,
बाबा यहाँ देखने को,
जैसे पहले खेला संग में,
वैसे कब तू खेलेगा,
मंदिर के पट साँवरिया,
कब तू खोलेगा।
तुझे पता है सब कुछ बाबा,
तू तो सब कुछ जानता है,
अपने भक्तों की जिद को,
बाबा तू पहचानता है,
हम भक्तों के मन की भावना,
बाबा कब तक तौलेगा,
मंदिर के पट साँवरिया,
कब तू खोलेगा,
कब तक रूठे रहोगे बाबा | Fagun Special Shyam Bhajan | Keshav Sharma | Saawariya
Mere Shyaam, Baaba Shyaam,
Kab Tak Rahega Rootha, Baaba,
Kab Too Bolega,
Mandir Ke Pat Saanvariya,
Kab Too Kholega,
Kab Too Kholega,
Pat Kab Too Kholega,
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