(मुखड़ा) मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो, तुमसे मिला ये जीवन मुझको, ना उपकार जताती हो, मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो।।
(अंतरा) कोख में बेटी सुनके, दुनिया, वाले आँख दिखाते हैं, रिश्ते-नाते सारे मिलके, तुझको बहुत सताते हैं, अपने आँचल की छाया कर, हर सितम से बचाती हो, मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो।।
ममतामयी माँ, तू ही जाने, कैसे तूने पाला है, मुझको खिलाया, खुद न खाया, अपने मुँह का निवाला है, स्वाभिमान से सिर को उठाके, मुझको चलना सिखाती हो, मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो।।
कौन है अपना, कौन पराया, तुम ही, माँ, बतलाती हो, दुनियादारी इस समाज की, तुम ही, माँ, सिखलाती हो, प्रथम गुरु तुम इस जहान की, हर हुनर, माँ, सिखाती हो, मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो।।
नयन से ओझल होने पर, माँ, नैनों से नीर बहाती हो, हर दुख, हर संकट में तुम ही, हर पल साथ निभाती हो, नयना की खुशियों के खातिर, बेटी की खुशियों के खातिर, धन-रतन भी लुटाती हो, मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो।।
(पुनरावृत्ति) मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो, तुमसे मिला ये जीवन मुझको, ना उपकार जताती हो, मैं हूँ तेरी बेटी, मैया, हर पल गले लगाती हो।।
भजन =} मैं हूं तेरी बेटी मईया गायिका =}नयना किंकर #6 Video