बैठी रही हवेली के खोल के किवाड़ भजन

बैठी रही हवेली के खोल के किवाड़ भजन

बैठी रही हवेली के,
खोल के किवाड़।।

जो मैं ऐसी जानती,
प्रीत करे दुख होय,
नगर ढिंढोरा पीटती,
प्रीत न करयो कोय।
कि प्रीत तो ऐसी कीजिए,
जैसा लोटा डोर,
आपन गला फंसाय के,
लाए गगरिया वो।।

बैठी रही हवेली के,
खोल के किवाड़,
बेदर्दी दगा दे के चले गए,
बेदर्दी दगा दे के चले गए।।

मोहन जाए द्वारका छाए,
कौन सौत संग प्रीत लगाए,
नैनन से बह रही है,
असुअन की धार,
बेदर्दी दगा दे के चले गए,
बेदर्दी दगा दे के चले गए।।

याद सताए मोहे बंशीबट की,
बंशीबट की है यमुना तट की,
बंशी सुनत भयो,
जिया बेकरार,
बेदर्दी दगा दे के चले गए,
बेदर्दी दगा दे के चले गए।।

लूट लूट दही खायो सांवरिया,
बारी हटी जबसे लड़ गई नजरिया,
छलिया कन्हैया से,
कर बैठी प्यार,
बेदर्दी दगा दे के चले गए,
बेदर्दी दगा दे के चले गए।।

कैसे धीरज राखूं तन में,
ढूंढत फिरी श्याम के वन में,
बिंदु सखी कान्हा गए,
जादू सो डार,
बेदर्दी दगा दे के चले गए,
बेदर्दी दगा दे के चले गए।।

बैठी रही हवेली के,
खोल के किवाड़,
बेदर्दी दगा दे के चले गए,
बेदर्दी दगा दे के चले गए।।



BAITHI RAHI HAVELI - बैठी रही हवेली - SANJO BAGHEL 09425837467 - Lord Krishna - Video Song

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Song : BAITHI RAHI HAVELI - बैठी रही हवेली
Special Thanks : RAJENDRA RAJPUT 09425837467, 09981502044
Singer : SANJO BAGHEL
Lyrics : Rajendra Rajput
Music : Suraj Mahanand
Graphics : Sushil Yadav
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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