मैया तुम्हारा मंदिर लगता है

मैया तुम्हारा मंदिर लगता है कितना प्यारा भजन

 मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा,
कण कण में माँ बसी है,
कण कण में माँ बसी है,
जिस ओर भी निहारा,
मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा।

सूरज की पहली किरणें,
करती है माँ का वंदन,
मइया यहाँ बिराजे,
मिट्टी भी जैसे चंदन,
महारानी के भवन में,
सेठानी के भवन में,
बहती है भक्ति धारा,
मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा।

मंदिर में तेरे बैठूँ,
गुणगान तेरे गाऊँ,
बस तुझको ही मैं देखूं,
नजरें नहीं हटाऊँ,
फीका है तेरे आगे,
फीका है तेरे आगे,
बैकुंठ का नज़ारा,
मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा।

मैया तेरे चरण में,
बस इतनी सी है विनती,
जन्मों जन्म माँ तेरे,
सेवा करूँ चरण की,
‘सौरभ मधुकर’ मैया,
‘सौरभ मधुकर’ मैया,
रखना मान हमारा,
मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा।
पुनरावृत्ति (Refrain)

मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा,
कण कण में माँ बसी है,
कण कण में माँ बसी है,
जिस ओर भी निहारा,
मैया तुम्हारा मंदिर,
लगता है कितना प्यारा।


जहाँ देखूँ वहीं है मैया | Mata Rani Navratri Bhajan | Vaishno Dham Mandir Song | Navratri Special
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