ओय आखे अम्मा दे उस फड्ड लई सोटी ए, के मुड़ जा सोनियां मैं तेरी चन्न जेही वोटी वे, निंदिया वड्ढेया दी ना कदे सहारा नी, तुर जा पेके नूं मैं रवां कुंवारा नी, काला डोरिया कुंडे नाळ अड़ियाई ओय, छोटा देवरा भाभी नाळ लड़ियाई ओय।
मावां लाड लड़ा धियाँ नूं विगाडन नी, के सस्स दे दे मत्ता उमरां नूं सवारण नी, माइयां भूल गयी सौं अज्ज तो खावां मैं,
Punjabi Folk Songs Lyrics in Hindi
अग्गे वडिया दे नित्त सीस निवावां मैं, काळा डोरिया मैं हुणे रंगानी आ, के छोटे देवरा नूं, मैं आप विहानी आ, काला डोरिया कुंडे नाळ अड़ियाई ओय, छोटा देवरा भाभी नाळ लड़ियाई ओय।
काला डोरिया सांग मीनिंग
काला डोरिया, कुंडे नाळ अड़ियाई ओय : काला डोरिया (एक तरह का बालों को गूंथने के लिए उपयोग में आने वाली सूती लटकन, झब्बा, परांदा। इसे बालों के साथ गूँथ लिया जाता है। ) दरवाजे के कुंडे में फंस गया है, उलझ गया है। आशय है की छोटी दरवाजे की कुण्डी में फंस गई है। छोटा देवरा, भाभी नाळ लड़ियाई ओय : छोटा देवर भाभी से लड़ रहा है। छोटे देवरा, तेरी दूर पलाई वै : छोटे देवर, तुम्हारा रिश्ता तो दूर होगा, तुम्हारा ससुराल दूर होगा। ना लड़ सोणिया, तेरी इक्क भरजाई वै : तुम लड़ो मत तुम्हारी एक ही भोजाई (भाभी) है। काला डोरिया : काले रंग का बालों में गूंथने की एक लटकन जिसे झब्बा या परांदा कहा जाता है। कुंडे : दरवाजे की सांकल फ़साने का भाग जिससे दरवाजे को बंद किया जाता है। नाळ : के अंदर (कुंडा के साथ ) अड़ियाई : अड़ गया है, उलझ गया है।
छन्ना चुरी दा ना मक्खण आंदाई नई : चूरमें से भरे हुए इस कटोरे में मक्खन तो आ ही नहीं रहा है, इसमें मक्खन नहीं है। की ले जा भता, मेरा पोला खांदाई नई : चूरमें के इस ग्रास को दूर ले जाओ, मेरा प्रिय तो इसे खा ही नहीं रहा है। छन्ना : कटोरा, बाउल। चुरी दा : चूरमा। ना : नहीं। मक्खण मक्खन। आंदाई नई : आता ही नहीं है। की ले जा : ले जाओ।
भता : ग्रास, खाने का टुकड़ा। पोला : प्यारा। खांदाई : खाता। नई : नहीं।
कुकड़ी ओह लेणी जेड़ी, कुड कुड करदी ऐ : मुर्गी तो वही लेनी है / खरीदनी है जो कुड कुड की ध्वनि निकाले, कुड कुड बोलती रहे। साहरे नई जाणा, सस्स बूड़ बूड़ करदी ऐ : मुझे ससुराल नहीं जाना है, मेरी सास तो बड़ बड़ करती रहती है। कुकड़ी ओह लेणी जेड़ी अंडे देंदी ए : मुझे तो वह मुर्गी लेनी है जो अंडे देती है। सोहरा दे झिड़कां मेरी जुत्ती सहन्दी ऐ : ससुराल के ताने/झिड़क मेरी जूती सही (मैं नहीं सहने वाली )
कुकड़ी : मुर्गी। ओह : वह। लेणी : लेनी है। जेड़ी : जो। कुड कुड : मुर्गी की स्वाभाविक ध्वनि। करदी ऐ : करती है। साहरे : ससुराल। नई जाणा : नहीं जाना। सस्स : सासू, सास। बूड़ बूड़ करदी ऐ : बड़बड़ाहट करना, बकवास करना, मन ही मन दाल दलना।
सोहरा दे झिड़कां : ससुराल के ताने, झिड़क। जुत्ती : जूती।
ओ सुथना छींट दियां मुल्तानों आइया ने : यह सूथन (वस्त्र) मुल्तान से आया है। के मावां अपनियाँ जिन्हा रीझा लाइयाँ ने : माताओं ने अपनी बेटी के लिए बड़े ही प्यार से भेजा है। ओ कमीजां सिल्क दियां एह दिल्लीयों आइयां ने : ये कमीज सिल्क की हैं और दिल्ली से आई हैं। सस्सो बेगानणिया जीने गलों लोहांया ने : लेकिन दुष्ट सासु /सास ने इन उपहारों (वस्त्रों ) को हमसे अलग कर दिया है। सुण ले गल्ल किते एह भाभो मेरी ने : कहीं यह बात मेरी भाभी ना सुन ले। जाके पुत्तर दे कन्न भरे हनेरी ने : नहीं तो वह जाकर कान भरेगी, भड़कायेगी। सुण के वट्ट बड़ा ढोले नूं चढ़आई ने : यह सभी बातें सुनकर मेरे ढोला/प्रिय को गुस्सा आ गया है। उसे गुस्सा चढ़ गया है। लायी लग्ग माहिया, साडे नाळ लड़ियाई ओय : वह भड़का हुआ है और मुझसे लड़ने लगा है।
ओय आखे अम्मा दे उस फड्ड लई सोटी ए : माँ के कहे अनुसार, उसने (पति) ने हाथ में डंडा (सोटा) उठा लिया है, पकड़ (फड़ ) लिया है। के मुड़ जा सोनियां मैं तेरी चन्न जेही वोटी वे : तुम मुड़ जाओ, वापस चले जाओ, मैं तो तुम्हारी चाँद जैसी पत्नी (वोटी ) हूँ। निंदिया वड्ढेया दी ना कदे सहारा नी : बड़े लोगों की निंदा कभी सहन नहीं करूँगा। तुर जा पेके नूं मैं रवां कुंवारा नी : तुम (पत्नी) अपने पिता के घर (पेके /पीहर) चली जाओ, मैं तो कंवारा ही रह लूंगा।
मावां लाड लड़ा धियाँ नूं विगाडन नी : माताएं अपनी लड़की को लाड लड़ाती हैं और बिगाड़ देती हैं। के सस्स दे दे मत्ता उमरां नूं सवारण नी : सास उसे टोक टोक (मत्ता) देकर संवारती हैं जो उसके उम्र भर काम आती है। माइयां भूल गयी सौं अज्ज तो खावां मैं : मेरे से भूल हो गई, मैं आज से सौगंध खाती हूँ। अग्गे वडिया दे नित्त सीस निवावां मैं : आज के बाद बड़े लोगों के आगे मैं शीश झुकाऊँगी, नवाउंगी। काळा डोरिया मैं हुणे रंगानी आ : मैं काले डोरिया को अभी रंगवाती हूँ। के छोटे देवरा नूं, मैं आप विहानी आ : मेरे छोटे देवर को मैं स्वंय रूचि लेकर इसकी शादी करवाउंगी।
Kala Doriya,, Surinder Kaur & Parkash Kaur Evergreen Punjabi Folk
Kala Doriya, Kunde Naal Adiyai Oy, Chhota Devara, Bhaabhi Naal Ladiyai Oy, Chhote Devara, Teri Dur Palai Vai, Na Lad Soniya, Teri Ikk Bharajai Vai,
Author - Saroj Jangir
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