ओ नीले घोड़े वाले तेरे खेल हैं निराले भजन

ओ नीले घोड़े वाले तेरे खेल हैं निराले भजन

ओ नीले घोड़े वाले, तेरे खेल हैं निराले,
खाटू वाले तेरा तो जवाब नहीं,
हारे का सहारा मेरा श्याम धणी

श्याम के जैसा इस दुनियाँ में,
और कोई दातार नहीं,
जो माँगे वो मिल जाता है,
करे कभी इंकार नहीं,
हार के द्वारे जो भी आया,
खाली नही कोई लौटाया,
जिस की पकड़ ले बाँह सांवरिया,
उसकी नैयां पार लगी,
खाटू वाले तेरा तो जवाब नहीं,
हारे का सहारा मेरा श्याम धणी।

एक तीर से श्याम आपने,
अद्भुत खेल दिखाया था,
बिन सोचे ही श्री कृष्ण को,
तूने शीश चढ़ाया था,
देख के तेरी अमर कहानी,
दंग रह गए बड़े बड़े ज्ञानी,
सेठों का तू सेठ कहाए,
ओ कलयुग के अवतारी,
खाटू वाले तेरा तो जवाब नहीं,
हारे का सहारा मेरा श्याम धणी।

भूले से भी जो कोई प्राणी,
श्याम शरण में आता है,
श्याम लगाता उसे गले,
ये कभी नही ठुकराता है,
राजा हो या कोई भिखारी,
साथ सभी के लख दातारी,
अर्णव माधव महिमा गाए,
लहरा दे थारी मोरछड़ी,
खाटू वाले तेरा तो जवाब नहीं,
हारे का सहारा मेरा श्याम धणी।

ओ नीले घोड़े वाले, तेरे खेल हैं निराले,
खाटू वाले तेरा तो जवाब नहीं,
हारे का सहारा मेरा श्याम धणी। 
 

Neele Ghode Wale Tere Khel Hain Nirale | नीले घोड़े वाले | Prashant Suryavanshi | Khatu Bhajan

Bhajan : Neele Ghode Wale Tere Khel Hain Nirale (नीले घोड़े वाले)
Singer : Prashant Suryavanshi
 
खाटू वाले श्याम धणी, तेरे खेल सचमुच निराले हैं। नीले घोड़े पर सवार होकर जब तू आता है तो हारे हुए का सहारा बन जाता है। इस दुनिया में तेरे जैसा दातार और कोई नहीं। जो भी तेरे द्वार पर आकर माँगता है, तू कभी इंकार नहीं करता। हारकर, टूटकर, थककर जो भी तेरी शरण में आ जाता है, तू उसे खाली हाथ नहीं लौटाता। बस एक बार बाँह पकड़ ले, फिर उसकी नैय्या पार लग जाती है।

एक तीर से तूने अद्भुत खेल दिखाया। बिना सोचे-समझे श्री कृष्ण को अपना शीश चढ़ा दिया। तेरी इस अमर कहानी को सुनकर बड़े-बड़े ज्ञानी भी दंग रह गए। सेठों का सेठ, कलियुग का अवतारी, तू सबका मालिक है। राजा हो या भिखारी, कोई भी तेरी शरण में आए, तू उसे गले लगा लेता है और कभी ठुकराता नहीं। तेरी महिमा अनोखी है। भूले-भटके को भी तू अपनी मोरछड़ी लहराकर बुला लेता है। अर्णव माधव तेरी महिमा गाते नहीं थकते। हारे का सहारा, टूटे का मरहम, तू ही है श्याम सलोने। जब खाटू वाले श्याम धणी साथ हो जाते हैं तो सारी चिंताएँ, सारे संकट खुद-ब-खुद दूर हो जाते हैं। दिल में बस यही भरोसा रहता है कि तेरे द्वार पर आने वाला कभी खाली नहीं लौटता।
तेरा जवाब नहीं, श्याम धणी। तू ही हारे का सहारा है। 
 

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