आएंगे प्रभु राम पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे

आएंगे प्रभु राम पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे

 
आएंगे प्रभु राम पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे

आज आएंगे भगवान,
जिनका नाम है राजा राम,
बनके हमारे मेहमान रे,
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे ,
आवो राम, आवो राम, आवो राम।

एक राजा दशरथ पिता है जिनके,
कौशल्या है माता,
राजभवन को छोड़ चले हैं,
वन वन दोनों भ्राता,
संग में, सीता माता,
चूम लो, उन चरणों को जिन पर,
धरती भी करें अभिमान रे,
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे,
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे,
आवो राम, आवो राम, आवो राम।
आएंगे प्रभु राम, हां आएंगे प्रभु राम।

पाप कटे जन्मों के
जीवन सफल हुआ है मेरा
पार करो हमें नदियों से
भवसागर के खेवईया
दुखियों के दुख हरने भगवन
आए धरती पर इंसान रे
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे,
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे,
आवो राम, आवो राम, आवो राम।
आएंगे प्रभु राम, हां आएंगे प्रभु राम।

ना तेरा ना मेरा वह तो
सबके राम रमैया है
छम छम घुंघरू बांध के
नाचे हनुमत ता ता थैया रे
अब जागे हैं भाग्य हमारे
मिला भक्ति वरदान दे
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे,
पग पग पर बिछा दो अपने प्राण रे,
आवो राम, आवो राम, आवो राम।
आएंगे प्रभु राम, हां आएंगे प्रभु राम। 
 
भजन श्रेणी : राम भजन ( Read More : Ram Bhajan)



Aayenge Mere Ram | Navneet Vashishth |आएंगे मेरे राम श्री राम के स्वागत मे सूंदर भाव

श्री राम का आगमन भक्तों के लिए परम सौभाग्य का क्षण है, जो उनके हृदय को भक्ति और प्रेम से परिपूर्ण करता है। वे राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र, सीता माता और भ्राता लक्ष्मण के साथ वन-वन भटकने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, जिनके चरणों को धरती भी गर्व से चूमती है। भक्त अपने प्राणों को उनके स्वागत में पग-पग पर बिछा देता है, क्योंकि राम का दर्शन और उनकी कृपा जीवन के सारे पाप काट देती है और भवसागर से पार उतारती है। उनका नाम जपने वाला भक्त न केवल अपने जन्मों के दुखों से मुक्त होता है, बल्कि जीवन को सार्थक और आनंदमय बनाता है।


श्री राम सबके रमैया हैं, जो दुखियों के दुख हरने और भक्तों को भक्ति का वरदान देने धरती पर अवतरित हुए। उनके आगमन से हनुमान जी जैसे भक्तों के घुंघरू छम-छम नाच उठते हैं, और भक्तों के भाग्य जाग उठते हैं। राम के चरणों में शरण लेने वाला भक्त संसार के बंधनों से मुक्त हो जाता है, क्योंकि वे ही भवसागर के खेवैया हैं, जो अपनी कृपा से भक्त की नैया पार लगाते हैं। अतः, अपने हृदय को राम भक्ति से भर लो, उनके नाम का जप करो और उनके आगमन के लिए प्राणों को समर्पित कर दो, क्योंकि यही वह मार्ग है जो जीवन को अमर और परम शांति से युक्त बनाता है।

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