जय जय स्कन्द माता स्कन्द माता

जय जय स्कन्द माता स्कन्द माता

तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ,
मैया आ जाओ, मैया आ जाओ,
माँ आ जाओ, माँ आ जाओ,
तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ।

तेरे दर पर अकबर आया था,
सोने का छत्र चढ़ाया था,
तूने नहीं किया स्वीकार,
मैया आ जाओं,
तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ।

तेरे दर पर ध्यानू आया था,
उससे काट के शीश चढ़ाया था,
तूने कर दिया बेड़ा पार,
मैया आ जाओं,
तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ।

तेरे दर पर हम भी आये हैं,
दर्शन की आशा लाए हैं,
मैया दे दो दर्शन आज,
मैया आ जाओं,
तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ।

तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ,
मैया आ जाओ, मैया आ जाओ,
माँ आ जाओ, माँ आ जाओ,
तेरा सजा दिया दरबार,
मैया आ जाओ।


भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Read More : Mata Rani Bhajan) 

स्कन्द माता आरती हिंदी अर्थ/मीनिंग

हे स्कंद माता, जय हो, जय हो! तुम भक्ति और शक्ति प्रदान करने वाली, और सभी सुखों की दाता हो। तुम भगवान कार्तिकेय की माता हो, और भगवान शिव की शक्ति हो। तुम अपने भक्तों को अपनी भक्ति प्रदान करो। तुम्हारे चार हाथ बहुत सुंदर हैं, और तुम्हारी गोद में भगवान कार्तिकेय हैं। हे जगजननी, हम मूर्ख बालक हैं, तुम हम पर दया करो। तुम्हारा शुभ्र वर्ण बहुत पवित्र है, और सबका मन मोह लेता है। जो भी तुम्हें पूजता है, वह तुम्हें प्रिय होता है।

तुम ब्रह्माणी, राधा, रुद्राणी, लक्ष्मी, सरस्वती, काली, और कमला कल्याणी हो। तुम काम, क्रोध, और मद को हरने वाली हो। तुम नवदुर्गा की पांचवीं स्वरूप हो, और नवरात्रि के पांचवें दिन तुम्हारी पूजा की जाती है। तुम भगवान शिव के धाम में निवास करती हो, और तांडव करती हो। हे माँ, हम तुम्हारे दीन दुखी बालक हैं, तुम हम पर दया करो। हे स्कंद माता, जय हो, जय हो! तुम भक्ति और शक्ति प्रदान करने वाली, और सभी सुखों की दाता हो।


नवरात्र का पांचवा दिन - माँ स्कंदमाता की आरती - Maa Skandmata Ki Aarti - जय तेरी हो स्कंदमाता

Jay Jay Skand Maata,
Om Jayati Jay Skand Maata,
Bhakti Shakti Pradaayini
Bhakti Shakti Pradaayini
Sab Sukh Ki Daata,
Om Jayati Jay Skand Maata,
Jay Jay Skand Maata
Om Jayati Jay Skand Maata,
Bhakti Shakti Pradaayini
Bhakti Shakti Pradaayini
Sab Sukh Ki Daata,
Om Jayati Jay Skand Maata.

स्कंद माता देवी दुर्गा का पांचवां रूप हैं। वह भगवान स्कंद की माता हैं, जो शिव और पार्वती के पुत्र हैं। स्कंद माता को "मां दुर्गा का एक रूप माना जाता है जो अपने बच्चों की रक्षा करती है। वह आशीर्वाद, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक हैं।
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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